जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। ईरान-अमेरिका युद्ध की अभी समाप्ति भी नहीं हुई कि एक और बड़ा युद्ध दुनिया के सामने बड़ा संकट लाने वाला है। अगर यह युद्ध हुआ तो यह महज दो देशों के बीच युद्ध नहीं होगा बल्कि विश्व युद्ध की शुरुआत हो सकती है। एक खुफिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि यूक्रेन युद्ध खत्म होने के बाद रूस किसी नाटो देश पर हमला कर सकता है। इसके अलावा इस रिपोर्ट में अन्य खुलासे भी हुए हैं।
पूरी दुनिया को भीषण चेतावनी
डच खुफिया रिपोर्ट में पूरी दुनिया को एक भीषण चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस जल्द से जल्द यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने की कोशिश में जुट गया है। चिंताजनक बात यह है कि इस युद्ध को खत्म करने के बाद रूस चैन से नहीं बैठेगा बल्कि एक साल के भीतर वह किसी नाटो देश पर हमला कर सकता है। वह यूरोप के साथ लंबे समय तक टकराव की तैयारी कर रहा है। यह जानकारी नीदरलैंड की वार्षिक रक्षा नीति दस्तावेज में जारी की गई। रिपोर्ट में आशंका जाहिर की गई है इस बार यह महज दो दशों के बीच लड़ाई नहीं होगी। रूस के हमले के बाद जो स्थितियां पैदा होगी उससे कई देश इस युद्ध में कूद सकते हैं। यानी यह विश्वयुद्ध का रूप ले सकती है। फिलहाल रिपोर्ट में किसी यूरोपिय देश का नाम नहीं लिया गया है जिस पर रूस हमला करने वाला हैं, लेकिन रणनीतिक जानकार इसे बेहद खतरनाक रिपोर्ट बता रहे हैं।
सुरक्षा रणनीति पर फिर से विचार
बता दें कि यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है जब यूरोपीय देश रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के चलते अपनी सुरक्षा रणनीति पर फिर से विचार कर रहे हैं। 7 से 8 जुलाई को अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में भी रूस से पैदा खतरे और सामूहिक रक्षा को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। बात दें कि नाटो प्रमुख मार्क रूटे भी पहले कह चुके हैं कि रूस अगले कुछ वर्षों में नाटो के खिलाफ सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोप इस समय युद्ध और शांति के बीच एक अस्पष्ट स्थिति में है, जहां सैन्य तैयारी और नई तकनीक पर तुरंत निवेश जरूरी है।
अन्य देशों को लेकर भी कई बड़े दावे
दूसरी ओर इस रिपोर्ट में अन्य देशों को लेकर भी कई बड़े दावे किए गए हैं। डच सैन्य खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि चीन की आक्रामक साइबर क्षमताएं अब अमेरिका के बराबर हो गई हैं। यह जासूसी मुख्य रूप से पश्चिमी रक्षा और तकनीकी उद्योगों को निशाना बना रही हैं। इसके अलावा एशियाई देशों पर भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार यूरोपिय देशों ने इस बड़े खतरे को लेकर बड़े रणनीतिक बदलाव करने की तैयारी तेज कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार खतरे को देखते हुए, डच रक्षा मंत्रालय ने अपने सशस्त्र बलों की रणनीति में बड़ा बदलाव किया ह। इसके तहत मानव रहित प्रणालियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई और साइबर सुरक्षा पर जोर दिया गया है। वह इजरायल को लेकर भी डच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट में पहली बार नीदरलैंड में जनमत और राजनीति को प्रभावित करने वाले इजरायली दुष्प्रचार अभियानों पर बात की गई है। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़े विदेशी खतरे के रूप में नामित किया गया है।





