जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अंतरिक्ष और समुद्र अलावा भी अन्य जगहों पर रहस्यमयी दुनिया है। आम लोग इस दुनिया से अनजान हैं। इस खोज की कड़ी में न्यूजीलैंड की गुफा में 10 लाख साल पुरानी खोई हुई दुनिया मिली है। इसे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान हैं। यह पहली बार है जब वैज्ञानिकों को इतनी पुरानी दुनिया की जानकारी एक ही जगह मिली है। आखिरकार यह रहस्यमी दुनिया कैसी थी यह जानने के लिए देखिए पूरा वीडियो।
अंतरिक्ष-समुद्र अलावा रहस्यमयी दुनिया
वैज्ञानिकों के लिए अंतरिक्ष और समुद्र हमेशा से खोज के विषय रहे हैं। इन पर जितनी खोज की जाती है उतने ही रहस्य बाहर आते हैं। इसी तरह हमारी पृथ्वी और इसके भूगर्भ में जीवन से जुड़े अनगिनत राज दफन हैं। ये राज तभी बाहर आते हैं जब इनके बारे में खोज की जाती है। इसी कड़ी में आॅस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने बड़ी खोज की है। शोधकर्ताओं को न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप वेटोमो की एक गुफा में लाखों साल पुराने जीवाश्मों का पता चला है। गुफा के अंदर छिपी इस पुरानी दुनिया में 12 तरह के पक्षियों, 4 तरह के मेंढकों समेत अन्य दुर्लभतम जीवों की हड्डियां और अवशेष मिले हैं। ये जानवर यहां तब रहा करते थे जब इंसान धरती पर आए भी नहीं थे। इन जीवाश्मों की जब वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में जांच की तो वे चौंक गए। रिपोर्ट में पता चला कि ये जीवाश्म लगभग 10 लाख साल पुरानी हैं। इंसानों के आने से पहले ही मौसम में भारी बदलाव और ज्वालामुखी विस्फोटों की वजह से यह पूरी प्रजाति खत्म हो गई थी। यह पहली बार है जब वैज्ञानिकों को इतनी पुरानी जानकारी एक ही जगह मिली है।
पुराने समय में हुआ था विस्फोट
शोध में पता चला कि पुराने समय में न्यूजीलैंड की धरती पर इतना बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था कि पूरे द्वीप पर कई मीटर मोटी राख की चादर बिछ गई थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि मौसम में अचानक आए बदलाव और इन ज्वालामुखियों की वजह से यहां रहने वाले 33 प्रतिशत से 50 प्रतिशत जीव हमेशा के लिए खत्म हो गए। इसी वजह से यह न्यूजीलैंड की सबसे पुरानी गुफा बन गई थी। इस गुफा के अंदर केकेपी नाम के तोते के पूर्वजों के अवशेष मिले हैं। जांच में पता चला कि केकेपी तोते बहुत भारी हुआ करते थे। गुफा में तकाह नाम के एक विलुप्त पक्षी और आॅस्ट्रेलिया के ब्रॉन्जविंग जैसे दिखने वाले कबूतर की हड्डियां भी मिली हैं। इन अवशेषों से पता चलता है कि लाखों सालों में जब जंगल और झाड़ियां बदलीं तो इन ये पक्षी समाप्त हो गए। वैज्ञानिकों के अनुसार यह शोध बेहद महत्वपूर्ण है। इससे आने वाले समय में दुनिया में क्या बदलाव होने वाला है इसकी सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है।
डॉ. पॉल स्कोफील्ड का बयान
वैज्ञानिक डॉ. पॉल स्कोफील्ड के अनुसार पृथ्वी पर रहने वाले प्राचीन जीवों के बारे में हमारे पास बहुत कम जानकारी थी। इस खोज ने इतिहास के उस खोए हिस्से को दुनिया के सामने ला दिया है जो आज तक अनदेखे थे। जैसे-जैसे यहां का माहौल और जंगल बदले पक्षियों की नई-नई प्रजातियां पैदा हो गईं। पुरानी थ्योरी कहती है कि न्यूजीलैंड के अनोखे जानवर 750 साल पहले खत्म हुए थे।





