बजट 2026 : बुलेट ट्रेन से दो घंटे में दिल्ली से पहुंचेगे लखनऊ

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। आम बजट में 2026 में वित्तमंत्री ने कई घोषणाएं की हैं। इसमें हाईस्पीड कॉरिडोर पर चलने वाली बुलेट ट्रेन की घोषणा शामिल है। इस ट्रेन से लखनऊ से दो घंटे में दिल्ली और 60 मिनट में वाराणसी पहुंचा जा सकता है। इस खास वीडियो आपको बुलेट ट्रेन की स्पीड और रूट समेत सभी खास जानकारियां मिलेंगी।
वाराणसी के बीच हाईस्पीड रेल कॉरिडोर 

दिल्ली से वाराणसी के बीच हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के साथ ही यूपी में रेल यातायात की तस्वीर बदलने की उम्मीदें जगी हैं। इस कॉरिडोर के निर्माण से लखनऊ से दिल्ली के बीच की दूरी दो घंटे व लखनऊ से वाराणसी की दूरी एक घंटे में पूरी की जा सकेगी। यात्री दिल्ली से वाराणसी मात्र तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इस बुलेट ट्रेन के लिए खास प्रावधानों की जानकारी दी। ये ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से रफ्तार से चलेगी। दिल्ली से महज दो घंटे में लोग काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी पहुंच सकेंगे। ये 12 स्टेशनों से होकर गुजरेगी। कॉरिडोर निर्माण में 1.21 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे कई जिलों के लोगों को सुविधा मिलेगी। बता दें कि बजट में सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है। इसमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे, चेन्नई-बंगलूरू, हैदराबाद-बंगलूरू, पुणे-हैदराबाद और हैदराबाद-चेन्नई कॉरिडोर बनेंगे। इसमें दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर आगरा से होकर गुजरेगा। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल बुलेट ट्रेन कॉरिडोर 865 किलोमीटर लंबा होगा। बता दें कि आगरा से वाराणसी की दूरी करीब 650 किलोमीटर है। ऐसे में दो घंटे में बुलेट ट्रेन वाराणसी पहुंचा देगी। कॉरिडोर का निर्माण नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचएसआरसीएल करेगा। ये एलिवेटेड ट्रैक होगा। कुछ जगह ही भूमिगत लाइन बनेगी। पांच साल में ये प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
विमानों की तर्ज पर ही किराया

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हाईस्पीड कॉरिडोर पर चलने वाली बुलेट ट्रेनों का किराया विमानों की तर्ज पर ही तय होगा। लखनऊ से दिल्ली का औसत किराया पांच हजार रुपये के आसपास होगा। इस पर फ्लेक्सी प्राइसिंग भी लागू होगी, जिससे किराये में वृद्घि होगी। विमान से दिल्ली जाने पर अभी बोर्डिंग, चेकइन, यात्रा मिलाकर करीब दो से तीन घंटे लग जाते हैं। ऐसे में हाईस्पीड कॉरिडोर यात्रियों को अधिक पसंद आएगा। बुलेट ट्रेन संचालन में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। भूकंप की स्थिति में बुलेट ट्रेन स्वत: रुक जाएगी। इसमें अरजेंट अर्थक्वेक डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम यूआरईडीएएस लगा होगा। जिससे भूकंप की स्थिति में ट्रेन रुक जाएगी। बुलेट ट्रेन में 750 यात्रियों की क्षमता होगी। 
आगरा, इटावा से होकर गुजरेगी ट्रेन

प्रस्तावित स्टेशन के बात करें तो यह सराय काले खां दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा से होकर गुजरेगी। वहीं साउथ कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, न्यू भदौही और वाराणसी भी इसमें शामिल हैं। इस योजना में लखनऊ और अयोध्या के लिए 135 किलोमीटर की कनेक्टिंग लाइन भी शामिल है। बता दें कि इस योजना से यूपी नाराजगी दूर होगी।  इस घोषणा के पूर्व देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिल्ली से वाराणसी वाया लखनऊ चलाया जाना था, लेकिन ऐन मौके पर यह ट्रेन पश्चिम बंगाल को दे दी गई। अब उम्मीद है कि दिल्ली से वाराणसी के बीच हाईस्पीड कॉरिडोर गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, लखनऊ को जोड़ेगा।