जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: देशभर के स्कूलों और छात्रों के लिए बड़ी खबर आई है। पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है, विषय बदलने जा रहे हैं और अब भाषा से लेकर हुनर तक-सब कुछ नई सोच के साथ जोड़ा जा रहा है। सीबीएसई की तरफ से नया पाठ्यक्रम जारी किया गया है, जो आने वाले वर्षों में स्कूल शिक्षा की तस्वीर बदल सकता है।
यह बदलाव NEP 2020 के अनुसार किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब क्लास 6 से तीसरी भाषा पढ़ना जरूरी होगा। अभी तक छात्र दो भाषाएं पढ़ते थे, लेकिन अब तीन भाषाएं सीखना जरूरी होगा। इसका असर आगे चलकर 2031 की कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में भी दिखेगा जब तीसरी भाषा को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह ने साफ किया है कि अभी कक्षा 9 के छात्रों पर यह नियम लागू नहीं होगा। इस साल कक्षा 6 के लिए तीसरी भाषा की किताबें शुरू की जाएंगी। यही छात्र 2031 में बोर्ड परीक्षा देंगे, तब यह पूरी व्यवस्था लागू होगी।
कक्षा 9 और 10 में अब हुनर भी जरूरी
नए पाठ्यक्रम में सिर्फ भाषा ही नहीं, बल्कि हुनर और कला पर भी जोर दिया गया है। अब कक्षा 9 और 10 में कला शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और शारीरिक शिक्षा अनिवार्य होगी। कला और शारीरिक शिक्षा के लिए किताबें भी लाई जाएंगी। इस साल कक्षा 10 के छात्रों का इन विषयों में स्कूल स्तर पर मूल्यांकन होगा। 2027-28 से व्यावसायिक शिक्षा भी जरूरी सब्जेक्ट बन जाएगा जिसमें वार्षिक या बोर्ड परीक्षा होगी यानी अब पढ़ाई के साथ-साथ छात्र कोई काम का हुनर भी सीखेंगे।
नई भाषाएं भी शामिल
सीबीएसई ने कक्षा 9 में डोगरी, मैथिली, कोंकणी और संथाली जैसी भाषाओं को भी शामिल किया है। इसके साथ ही अब बोर्ड 22 निर्धारित भारतीय भाषाओं का विकल्प देगा। यह कदम भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
कंप्यूटर सोच और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
समय के साथ चलते हुए सीबीएसई ने कक्षा 9 और 10 में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी अनिवार्य करने का फैसला किया है। अभी इन्हें मॉड्यूल के रूप में पढ़ाया जाएगा और स्कूल स्तर पर मूल्यांकन होगा। 2029 से यह कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा का अनिवार्य विषय बन जाएगा। कक्षा 3 से 8 तक भी इन विषयों की शुरुआत की जा रही है।





