जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर थे। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को आपसी मतभेदों और चिंताओं को भुलाकर अगले चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती तक साथ काम करने की जरूरत है ताकि भगवा पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर सके। अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओंको संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों के मन में जो भी निराशा या नाराजगी है, उसे यहां से जाते समय गोमती नदी में डाल कर जाइए। हमें एकजुट रहना है, कई बार हम जो सोचते हैं, वह हासिल नहीं होता है।

ग्रहमंत्री अमित शाह ने योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का कामकाज, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पिछले कामों की तुलना में 200 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश आ रहा है और नौकरियां पैदा करने में भी सफलता मिली है। सरकार ने राज्य की कानून-व्यवस्था में सुधार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के मामले में भी उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों से आगे है।
बता दें कि भाजपा इन दिनों उत्तर प्रदेश में सर्वे करवा रही है। इनमें कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नेताओं ने आरोप लगाया है कि अक्सर उन्हें नजरअंदाज किया जाता है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में एक नेता ने कहा कि बाहरी लोगों को टिकट और मंत्री पद देना तो स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन उन्हें संगठन के वरिष्ठ पदों पर बिठा देने से समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए उनके साथ काम करना मुश्किल हो जाता है।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का जिक्र करते हुए कहा कि आडवाणी जी अक्सर कहते थे कि राजनीतिक प्राथमिकताएं बदल सकती हैं, लेकिन पार्टी के मूल्य, आदर्श और विचारधारा कभी नहीं बदल सकते। भाजपा कार्यकर्ता इसी विचारधारा का पालन करते हैं और बिना किसी व्यक्तिगत मान-सम्मान या अपमान की परवाह किए पूरी निष्ठा के साथ काम करते हैं।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि क्या हम हर बूथ पर सक्रिय हैं, क्या हमारी बूथ समितियां नियमित रूप से काम कर रही हैं, क्या हमारे पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, और क्या हमारे मंडल, क्षेत्रीय और जिला स्तर के पदाधिकारी लोगों के बीच मौजूद हैं? उन्होंने विधायकों सहित पार्टी नेताओं से आग्रह किया कि वे कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बनाए रखें और खुद बोलने के बजाय उनकी बातें अधिक सुनें। सरकार और पार्टी के बीच मजबूत तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने सांसदों, विधायकों और एमएलसी से संगठन के साथ संवाद बनाए रखने की अपील की।उन्होंने कहा कि भाजपा की असली पूंजी उसके कार्यकर्ता हैं। सबसे बड़ी प्राथमिकता उन कार्यकर्ताओं का सम्मान करना है, जो कठिन समय में भी पार्टी के साथ डटे रहे। समर्पित कार्यकर्ताओं की बदौलत भाजपा एक पेड़ की तरह मजबूती से खड़ी है।





