देश-दुनिया का 16 अप्रैल का इतिहास
April 16, 2025इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 16 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप...
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 16 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप...
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 15 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी। सिख धर्म की नींव रखने वाले और प्रथम गुरू बाबा नानक जन्म आज के दिन 1469 में...
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 11 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी। महात्मा फुले और ज्योतिबा फुले के नाम से प्रसिद्ध ज्योतिराव गोविंदराव फुले का जन्म आज के दिन...
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 10 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप...
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 09 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी। आज के दिन 2011 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अपना अनशन...
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 04 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी। आज के दिन 1858 में अंग्रेजी सेना के खिलाफ भीषण संघर्ष के बाद रानी लक्ष्मीबाई को झांसी...
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 03 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी। आज के दिन 2006 में श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन ने अपना 100वां टेस्ट मैच खेलते...
इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी खास घटना से जुड़ा होता है। ऐसे में 02 अप्रैल के दिन भी कई बड़ी घटनाओं ने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी। आज के दिन 2011 में भारत ने श्रीलंका को हराकर दूसरी बार क्रिकेट विश्व कप के खिताब...
1-1582 : फ्रांस में 01 अप्रैल को मूर्ख दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई थी।2-1621 : सिखों के नवें गुरु गुरु तेग बहादुर का जन्म हुआ था।3-1793 : जापान में उनसेन ज्वालामुखी फटने से करीब 53 हजार लोगों की जान चली गई थी।