जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली।भारत के पांच राज्यों में अप्रैल में चुनाव होने हैं। इन पांच राज्यों में पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। यहां की राजनीति अब देशवासियों के गले नहीं उतर रही है। एसआईआर शुरू होने से अब तक लगातार टीएमसी हमलावर है। अब चुनाव सिर पर है ऐसे मं तो पश्चिम बंगाल की राजनीति ने हद पार कर दी है। टीएमसी और भाजपा के बीच टकराव जारी है। अब जो विवाद आया है उससे विवाद जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

बता दें कि एसआईआर के दौरान नाम काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब टकराव में तब्दील हो गया है। अब इसकी चिंगारी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। बता दें कि बुधवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पहले न्यायिक अधिकारियों से मिलने की मांग की थी। जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो उन्होंने शाम करीब चार बजे तीन अधिकारियों अधिकारियों सहित सात न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया। इसके बाद प्रदर्शन टकराव में तब्दील हो गया। चुनाव आयोग के आदेश के बाद अधिकारियों को मुश्किल से निकाला गया। फिलहाल, नेशनल हाईवे को जाम कर दिया गया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने आक्रोशित प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

बताया जा रहा है कि हालात इतने बिगड़ गए कि मालदा पुलिस स्टेशन के पुलिसर्मियों को केंद्रीय बलों की मदद लेनी पड़ी। प्रदर्शनकारी किसी भी हाल में मानने को तैयार नहीं है। इस बाबत टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस घटना का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है।





