जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध के पांच सप्ताह पूरे होने वाले हैं। युद्ध से कई देश प्रभावित हैं। इसका असर भारत पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन ने और भी चिंता में डाल दिया है। करीब 18 मिनट तक ट्रंप के भाषण ने युद्ध खत्म करने की कोई समय-सीमा नहीं बताई। हालांकि, उन्होंने 7 से आठ सप्ताह तक युद्ध के और भी चलने की बात कही। युद्ध अगर लंगा खिंचा तो भारत सहित पूरी दुनिया पर इसका गंभीर असर पड़ेगा। पेट्रोलियम उत्पादों सहित एलपीजी गैस जैसी समस्या विकराल रूप धारण कर सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों जल्द ही पूरा करने वाला है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी अभी दो से तीन सप्ताह हमले जारी रहेंगे। अमेरिका और इजरायल का अभियान करीब 7 से 8 सप्ताह तक चलने वाला है। उनके संबोधन से पता चलता है कि फिलहाल, युद्ध सप्ताह नहीं होने वाला है। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि रेजीम चेंप हमारा लक्ष्य नहीं था। सबसे पूर्व वे कई बार ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कह चुके थे। उन्होंने कहा कि युद्ध में ईरान के कई बड़े नेताओं की मौत हो चुकी है, जिससे नई व्यवस्था बन चुकी है। मतलब स्पष्ट है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था अभी भी जारी है। अभी यह पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं होता है तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बना सकता है। अगर ऐसा हुआ तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फहान को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के ये न्यूक्लियर ठिकाने थे जो अब पूरी तरह से राख में तब्दील हो चुके हैं। यही नहीं उन्होंने कहा कि इन पर अभी भी अमेरिका सेटेलाइट से निगरानी रख रहा है।

ट्रंप ने सबसे हैरान करने वाली यह की कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जिन देशों को तेल आता है उन्हें खुद इसकी सुरक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को हिम्मत दिखानी चाहिए और आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे देशों की मदद कर सकता है।
अब देखा जाए तो अमेरिका अप्रत्यक्ष रूप से भारत, चीन पाकिस्तान सहित सभी उन देशों को ईरान के खिलाफ कूद जाने की बात कह रहा है जो होर्मुज के रास्ते तेल मंगवाते हैं। लेकिन, ऐसा लगता नहीं कि ट्रंप की इस सलाह पर कोई भी देश अमल करेगा। ट्रंप के भाषण से साफ है कि युद्ध हाल फिलहाल में रुकने वाला नहीं है। यह अभी कई सप्ताह तक चलेगा जिससे तेल और एलजीपी गैस की किल्लत और भी बढ़ सकती है। हालांकि भारत इस समस्या से निपटने के लिए प्रयासरत है। कई देशों से बात चल रही है। अब देखने की बात होगी कि युद्ध कब तक चलता है और भारतीयों को आगे किस तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ेगा।





