अमेरिका और ईरान के बीच नए युद्ध की शुरुआत, ईरान के बाद ओमान पर भी हमले की चेतावनी 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। होर्मुज पर तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच नए युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। एक बार फिर अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर फिर किए हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और समुद्री व्यापार को खतरे से बचाने के लिए की गई है। इससे पहले भी सेंटकॉम ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और संदिग्ध नावों पर हमले किए थे। दूसरी अब ट्रंप ने ईरान के बाद ओमान को कड़ी चेतावनी दी है।
शांति समझौते को लेकर तनाव 

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर तनाव और कूटनीति दोनों तेज हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट तौर पर कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अमेरिका अभी संतुष्ट नहीं है। व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया के समझौते संबंधी दावों को फर्जी बताया है। होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल आपूर्ति, परमाणु कार्यक्रम और इजरायल -हिजबुल्लाह विवाद के कारण पश्चिम एशिया का संकट वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। शांति वार्ता की उम्मीदों के बीच ईरान के अंदर एक और बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि लगभग रात 1:30 बजे बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से से तीन धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। ऐसे में माना जा  रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तानी मध्यस्थता से हुआ अस्थाई सीजफायर टूटने की कगार पर पहुंच गया है। 
रात भर ईरान पर किए हमले 

अमेरिकी सेना के अनुसार अमेरिकी सेना ने रात भर ईरान में नए हमले किए हैं। इनमें एक ऐसे सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया। जिसके बारे में अधिकारियों का मानना ​​था कि वह स्ट्रेट आॅफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और कमर्शियल समुद्री आवाजाही के लिए खतरा पैदा कर रहा था। यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस नए हमले के दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान द्वारा लांच किए गए कई घातक ड्रोन को भी बीच हवा में मार गिराया।
ईरान ने भी की हमले की पुष्टि


सबसे बड़ी बात यह है कि इस हमले की पुष्टि अमेरिका के साथ ईरान ने भी की है। ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स के अनुसार दक्षिणी ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में लगातार तीन हमले किए गए। धमाकों के तुरंत बाद ईरानी सेना का एयर डिफेंस सिस्टम कई मिनटों तक एक्टिव रहा। उसने भी आसमान में फायरिंग की। बता दें कि इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लांच साइटों और ईरानी नौसेना की नावों को तबाह किया था। इन नावों पर आरोप था कि ये समुद्र में बारूदी माइंस बिछाने का प्रयास कर रही थीं। दूसरी ओर ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया। ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह अमेरिका हर हमले का आक्रामक रुप से जवाब देगा।
ओमान पर भी हमले की चेतावनी

 


नए हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेसवार्ता में पत्रकारों के कई सवालों का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ही सहयोगी ओमान को सीधे तौर पर सैन्य कार्रवाई की धमकी देकर सभी को चौंका दिया। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ओमान ने ईरान का साथ दिया तो अमेरिका उसके खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाएगा। वे ओमान पर भी हमला करेंगे। इसके अलावा व्हाइट हाउस में हुई अहम कैबिनेट बैठक में ट्रंप ने संकेत दिया कि बातचीत जारी है। अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता भी अपना सकता है। ट्रंप के इस रुख से होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल आपूर्ति और युद्धविराम को लेकर वैश्विक चिंता और बढ़ गई है। बात दें कि कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान अब भारी दबाव में है। उसके पास समझौता करने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा ईरान बहुत ज्यादा डील करना चाहता है। अभी तक बात पूरी नहीं हुई है। अगर हम संतुष्ट नहीं हुए तो हम कार्रवाई करेंगे।