अमेरिका और ईरान के बीच फिर भीषण युद्ध, लड़ाकू ड्रोन अबाबील-5 से पलटवार करेगा ईरान

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर भीषण युद्ध छिड़ गया है। पहले ईरान ने कई देशों में स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाया। उसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान में तबाही मचाई। सैटेलाइट तस्वीरों में जॉर्डन, कतर, बहरीन में नुकसान और ईरान के बूशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास बर्बादी दिखी। वहीं अब अनुमान जताया जा रहा है कि ईरान अपने सबसे आधुनिक लड़ाकू ड्रोन अबाबील-5 से बड़ा पलटवार कर सकता है। 
अमेरिका ने ईरान पर किए हमले

अमेरिका ने रविवार को ईरान पर एक बार फिर सैन्य हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है, ताकि ईरानी बलों को उनके कदमों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके। इससे पहले शनिवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। इनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, नौसैनिक ठिकाने, हथियार भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र शामिल थे। अमेरिका हमलों के जवाब में ईरान अपने सबसे आधुनिक लड़ाकू ड्रोन अबाबील-5 से बड़ा पलटवार कर सकता है। यह घातक यूएवी 150 किलोग्राम पेलोड क्षमता के साथ 480 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। यह शूट एंड फॉरगेट तकनीक वाली अल्मास एंटी-टैंक मिसाइलों और कायम गाइडेड बमों से लैस है। इस ड्रोन की आधिकारिक आपरेशनल रेंज लगभग 480 किलोमीटर है। कुछ रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक तरफ की सीमा है और इसका फेरी रेंज इससे काफी अधिक हो सकती है। यह हवा में लगातार 8 से 10 घंटे तक रहकर जासूसी या हमला करने में सक्षम है। यह ड्रोन लगभग 20,000 फीट यानी लगभग 6,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इससे यह सामान्य ग्राउंड-बेस्ड एंटी-एयरक्राफ्ट गन की पहुंच से बाहर रहता है। इसका कुल टेक-आॅफ वजन करीब 500 किलोग्राम है। यह अपने साथ लगभग 150 किलोग्राम तक के घातक हथियार और खुफिया कैमरे/सेंसर ले जा सकता है। इसके पंखों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह भारी गोला-बारूद का भार आसानी से सह सकता है। अबाबील-5 केवल एक जासूसी ड्रोन नहीं है बल्कि यह बेहद सटीक हवाई हमलों के लिए बनाया गया है। इसके निचले हिस्से में इलेक्ट्रो-आॅप्टिकल/इन्फ्रारेड कैमरा लगा है। यह दिन के उजाले के साथ-साथ रात के अंधेरे में भी दुश्मन की लोकेशन को ट्रैक कर सकता है। इसमें लेजर डेजिग्नेटर भी शामिल है जो गाइडेड बमों को रास्ता दिखाता है। अबाबील-5 अपने पंखों के नीचे अल्मास सीरीज की 4 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें ले जा सकता है। यह मिसाइल शूट एंड फॉरगेट तकनीक पर काम करती है जिसकी रेंज करीब 8 किलोमीटर है। यह दुश्मन के भारी बख्तरबंद टैंकों और बंकरों को पलक झपकते ही नष्ट कर सकता है। यह ड्रोन कायम श्रेणी के 6 स्मार्ट गाइडेड बम ले जाने में सक्षम है। अल्मास मिसाइल और कायम बमों के समुद्री वेरिएंट की मदद से अबाबील-5 उथले पानी या तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की तेज रफ्तार गश्ती नावों और छोटे युद्धपोतों को निशाना बना सकता है।
रडार को चकमा देने में सक्षम

यह पलक झपकते ही रडार को चमकाकर दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकता है। अबाबील-5 ड्रोन को पश्चिम एशिया के आसमान में मंडराता काला साया बताया जा रहा है। बता दें कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद तेहरान का गुस्सा सातवें आसमान पर है और माना जा रहा है कि ईरान अब यूएस को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है। बता दें कि पहली बार अप्रैल 2022 में ईरान के आर्मी डे परेड के दौरान दुनिया के सामने पेश किया गया था। ड्रोन ईरान की मशहूर अबाबील सीरीज का सबसे आधुनिक, घातक और एडवांस वर्जन है।