आकाशगंगा में मिले एलियन मेगास्ट्रक्चर के बड़े सुराग 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। एक ताजा अध्ययन ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। इस बार शोधकर्ताओं को आकाशगंगा में एलियन मेगास्ट्रक्चर के बड़े सुराग मिले हैं। अध्ययन में पाया गया है कि ब्रह्मांड में एलियन यानी पृथ्वी के बाहर बुद्धिमान और तकनीकी रूप से विकसित सभ्यताएं मौजूद हैं। इनके रहने का स्थान लाल बौने और श्वेत बौने तारों के आसपास हो सकता है।
एलियंस को लेकर चल रही है खोज

एलियंस को लेकर आज से नहीं बल्कि सदियों से वैज्ञानिक खोज कर रहे हैं। अब ताजा अध्ययन में बड़ी और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अध्यन में एलियन की तलाश को लेकर वैज्ञानिकों को नए सुराग मिले हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि ब्रह्मांड में ऐसे कई तारे हैं जहां एलियन रहते हैं। ऐसे संभावित एलियन मेगास्ट्रक्चर यानी एलियन के घर सामान्य तारों की तरह दिखाई नहीं देंगे। उनके रहने की जगह बेहद खास होगी। ऐसे में में उनके निवास स्थान की पहचान भी अलग है। शोधकर्ताओं के अनुसार संभावित संकेतों को नए अध्ययन में विस्तार से बताया गया है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि एलियन सभ्यता की खोज फिलहाल जारी है। ये कहां रह रहे हैं यह पूरी तरह से स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है।
साइंसडेली में छपा लेख 

साइंसडेली में छपे लेख के अनुसार अमेरिका की यूनिवर्सिटी आफ अर्कांसस ने ऐसे खगोलीय संकेतों का विश्लेषण किया है। इनकी मदद से भविष्य में एलियन मेगास्ट्रक्चर की पहचान की जा सकती है। यह शोध फिलहाल प्री-प्रिंट मंच आर्काइव पर उपलब्ध है। इसके अलावा यह वैज्ञानिक पत्रिका यूनिवर्स में भी प्रकाशित होने वाला है। अध्ययन की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वैज्ञानिकों ने ऐसे संकेतों की पहचान की है, जिनके आधार पर सामान्य खगोलीय पिंडों और एलियन जहां रहते हैं उन ग्रहों की कृत्रिम संरचनाओं में अंतर किया जा सकता है। शोध में बताया गया है कि यदि किसी तारे के चारों ओर कृत्रिम संरचना मौजूद होगी तो वह तारे से निकलने वाले अधिकांश प्रकाश को अपने भीतर समाहित कर लेगी। इसके बाद वही ऊर्जा ऊष्मा के रूप में इन्फ्रारेड विकिरण बनकर बाहर निकलेगी। यानी ऐसा तारा सामान्य तारों की तुलना में कहीं अधिक ठंडा दिखाई देगा। इतना ही नहीं, उसके आसपास सामान्य तारों की तरह धूल और गैस के संकेत भी नहीं मिलेंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि यही वे नए संकेत हैं, जिनके आधार पर भविष्य में संभावित एलियन मेगास्ट्रक्चर की पहचान की जा सकती है।
पहले भी एलियन को लेकर हो रही थी खोज

बता दें इसके पूर्व भी एलियन के निवास स्थान को लेकर कई तरह के अध्ययन और शोध  किए गए थे। पुराने शोध में बताया गया था कि हमारी आकाशगंगा में रहने लायक कई ग्रह हैं। इनमें से चार ग्रह ऐसे होंगे जहां पर एलियन सभ्यताएं रह रही होंगी। ये एकदूसरे की दुश्मन हो सकती हैं। ये एक दूसरे के ग्रहों पर हमला कर सकती हैं। रिसर्च करने वाले साइंटिस्ट ने ने अपने शोध में जानकारी दी थी कि कि एलियन धरती पर हमला करेंगे या नहीं ये कहना फिलहाल मुश्किल है। वहीं इसी तरह दूसरे शोध में वैज्ञानिकों ने हमारी गैलेक्सी में एक विशाल पावर प्लांट जैसी संरचना के खोजने का दावा किया था। अध्ययन में कहा गया था कि ये दूसरी दुनिया की एडवांस सभ्यता है जो हमारी गैलेक्सी के तारों से ऊर्जा खींच रही है। खगोलविदों ने ऐसे सात तारों की भी पहचान की है। शोध में कहा गया है कि सूर्य की तरह ही हमारी आकाशगंगा में लाखों तारे हैं जो लगातार ऊर्जा का उत्सर्जन कर रहे हैं। इस शोध को पूरा करने के लिए वैज्ञानिकों ने न्यूरल नेटवर्क एल्गोरिदम की सहायता ली थी। इसमें आकाश गंगा के लाखों तारों का संर्वेक्षण किया गया था। जिसमें उन्हें 60 तारे ऐसे मिले हैं जो किसी बड़े एलियन पावर प्लांट से घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं। खगोलविदों का कहना है कि ये इस बात का सबूत हो सकता है कि एलियन एक अत्याधुनिक पावर प्लांट का इस्तेमाल कर हमारे तारों से ऊर्जा चुराकर ले जा रहे हैं।