जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। पूर्वी उत्तर प्रदेश जहां बारिश से हो रहे जलभराव से बेहाल है, वहीं नोएडा, दिल्ली-एनसीआर में बारिश नहीं होने से लोग उमस भरी गर्मी झेलने को मजबूर हैं। नोएडा में बुधवार तेज धूप रही, हालांकि शाम होते-होते बादल छाए गए और हल्की फुहार पड़ी, लेकिन बारिश नहीं हुई। यही हाल दिल्ली-एनसीआर का भी रहा। यहां बहुत मामूली सी बारिश हुई।
वहीं बात अगर पूर्वी उत्तर प्रदेश की करें तो बारिश की रफ्तार जारी है। बारिश की वजह से कई नदी-नाले उफान पर हैं। चित्रकूट की मंदाकिनी नदी उफान पर बह रही है। इसके चलते राम घाट को बंद करना पड़ा। यही नहीं यूपी की अन्य नदियों में भी जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच चुका है। बात अगर अवध की करें तो यहां के कई जिलों में नदियां नित विस्तार ले रही हैं।
बारिश के कारण कई घटनाएं भी हुई। जौनपुर और प्रयागराज में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत होने की खबर है। वहीं अमेठी सहित कुछ अन्य जिलों में भी बारिश के चलते हादसे की खबरें हैं। प्रयागराज और वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से ऊपर है। प्रयागराज में तो शहर के अंदर पानी भर गया है।

यूपी के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में बुधवार को भी पूर्वी और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रतापगढ़, प्रयागराज, हरदोई जैसे कई जिलो में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। वहीं मध्य प्रदेश से सटे जिलों में भी अच्छी बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग ने गुरुवार को झांसी, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, जालौन आदि शहरों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है।
बता दें कि बुधवार को प्रतापगढ़ में सर्वाधिक 130 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं प्रयागराज में 119.8 मिमी, हरदोई में 101 मिमी, पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर में 64.3 मिमी और गोंडा में 60 मिमी बारिश हुई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान के वैज्ञानिकों के अनुसार 23 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।

बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जलभराव को लेकर चिंता जताई है। कोर्ट ने बारिश के पानी को 24 से 48 घंटे में निकालने के लिए आपात उपाय करने का निर्देश दिया है। नगर आयुक्त को मोरी गेट, दारागंज के रास्ते जलभराव वाले इलाकों से पानी पंप कर निकालने और डीएम को इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान याचिका यह आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि जलभराव से निचले इलाकों में जमा बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी खतरे की स्थिति पैदा हो गई है।





