वीबी जी राम जी अधिनियम एक जुलाई से होगा लागू, मनरेगा निरस्त होगा

नई दिल्ली, एजेंसी। मोदी सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के स्थान पर नया विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अधिनियम एक जुलाई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो जाएगा। एक अन्य अधिसूचना में मंत्रालय ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) को निरस्त कर उसके स्थान पर नया अधिनियम लागू किया जाएगा। अधिसूचना में आश्वासन दिया गया है कि मनरेगा से नए ढांचे में परिवर्तन सुचारू रूप से होगा और श्रमिकों के लिए कोई व्यवधान नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि, 30 जून तक मनरेगा के तहत जारी कार्यों को सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के नए ढांचे में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इसमें यह भी कहा गया है कि मौजूदा ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड तब तक वैध रहेंगे जब तक नए "ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड" जारी नहीं हो जाते। इसमें कहा गया है कि लंबित ई-केवाईसी के कारण श्रमिकों को रोजगार से वंचित नहीं किया जाएगा और जिनके पास जॉब कार्ड नहीं हैं, उनका पंजीकरण ग्राम पंचायत स्तर पर जारी रहेगा। मंत्रालय ने कहा कि वेतन भुगतान, शिकायत निवारण, आवंटन मानदंड और संक्रमणकालीन प्रावधानों से संबंधित नियमों का मसौदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श से तैयार किया जा रहा है और जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों को ग्रामीण परिवर्तन का केंद्रीय स्तंभ बताते हुए सरकार ने कहा कि नए कानून से रोजगार सृजन, ग्रामीण अवसंरचना विकास और गांवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।