वैज्ञानिकों ने खोजी कई गुना बड़ी आश्चर्यजनक गैलेक्सी 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा से भी कई गुना बड़ी आश्चर्यजनक गैलेक्सी खोजी है। यह 12 अरब साल पुरानी है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह गैलेक्सी घूम नहीं रही है। इसने रोटेशन थ्योरी को झूठला दिया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह दो बड़ी गैलेक्सीज की टक्कर का नतीजा हो सकती है।
ब्रह्मांड अनंत को लेकर समय-समय खोज 


यह बात सभी जानते हैं ब्रह्मांड अनंत है। इसको लेकर समय-समय खोज होती रहती है। अब इसी अंतरिक्ष में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने एक ऐसी खोज की है, जिसने आकाशगंगाओं के विकास से जुड़ी पुरानी धारणाओं को हिलाकर रख दिया है। नई गैलेक्सी की खोज यूनिवर्सिटी आॅफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने की है। इस गैलेक्सी को एक्सएमएम-वीआईडी 1-2075 ने नाम दिया गया है। इस गैलेक्सी से संबंधित पूरा लेख नेचर एस्ट्रोनॉमी में छपा हुआ है। लेख के अनुसार वैज्ञानिकों द्वारा खोजी गई प्राचीन गैलेक्सी अपनी धुरी पर बिल्कुल भी घूम नहीं रही है। बता दें कि आमतौर पर माना जाता है कि ब्रह्मांड की शुरूआती गैलेक्सीज गैसों के दबाव और गुरुत्वाकर्षण के कारण काफी तेजी से घूमती हैं। मौजूदा वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार जब पहली आकाशगंगाएं बनी थीं वह भी ब्रह्मांड में बनने वाली गैसों के कोणीय संवेग और ग्रेविटी के असर से घूमने लगी थी। वहीं इस आकाशगंगा ने इन सिद्धांतों को सीधे चुनौती दी है। वैज्ञानिकों के अनुसर यह गैलेक्सी उस दौर की है जब ब्रह्मांड की उम्र 2 अरब साल से भी कम थी।
रिसर्चर्स को सोचने पर किया मजबूर 

इस स्टडी ने रिसर्चर्स को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर इतनी कम उम्र में कोई गैलेक्सी इतनी मैच्योर कैसे हो सकती है। यूनिवर्सिटी आॅफ कैलिफोर्निया के रिसर्च साइंटिस्ट बेन फॉरेस्ट के अनुसार यह गैलेक्सी न केवल स्थिर है बल्कि आकार में भी बहुत बड़ी है। रिसर्च में पता चला कि इसमें हमारी मिल्की वे आकाशगंगा की तुलना में कई गुना ज्यादा तारे पहले से ही मौजूद हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गैलेक्सी में नए तारों का बनना भी बंद हो चुका है। जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से जब इसकी बारीकी से जांच की गई, तो पता चला कि इसके अंदर पदार्थ का मूवमेंट तो है, लेकिन वह किसी एक दिशा में घूमने के बजाय रैंडम यानी अस्त-व्यस्त तरीके से हो रहा है। बता दें कि यह रोटेशन ही गैलेक्सी के आकार और उसके अंदर तारों के बनने की प्रक्रिया को तय करता है। आम तौर पर करोड़ों-अरबों सालों के दौरान जब गैलेक्सीज आपस में टकराती हैं, तब उनका रोटेशन बढ़ जाता है।  ऐसे में 12 अरब साल से भी ज्यादा पुरानी गैलेक्सी का स्थिर होना एक बड़ी पहेली बन गया है। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि मात्र 2 अरब साल के भीतर कोई गैलेक्सी स्लो रोटेटर कैसे बन सकती है? इस सवाल के जवाब में वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि आम तौर पर इस स्थिति तक पहुंचने के लिए कई गैलेक्सीज का आपस में कई बार विलय होना जरूरी होता है। जिसमें अरबों साल लगते हैं। इस मामले में रिसर्चर्स ने एक नई संभावना भी जताई है। उनका मानना है कि शायद यह गैलेक्सी दो ऐसी आकाशगंगाओं के बीच हुई भीषण टक्कर का परिणाम है जो एक-दूसरे के विपरीत दिशा में घूम रही थीं। इस एक टक्कर ने ही दोनों के रोटेशन को पूरी तरह खत्म कर दिया और एक विशाल, स्थिर गैलेक्सी को जन्म दिया।