जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी दो दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंच गए हैं। शी जिनपिंग ने उनका जोरदार स्वागत किया। ट्रंप राष्ट्रपति रहते वर्ष 2017 में चीन गए थे। उसके बाद मई 2026 में पहुंचे हैं। उनकी यह यात्रा मार्च में ही होनी थी, लेकिन ईरान युद्ध के चलते वे नहीं जा सके।
चीन की राजधानी बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में ट्रंप के आगमन पर एक समारोह का आयोजन किया गया। यहां अमेरिका और चीन का राष्ट्रगान हुआ। इसके बाद बच्चों ने दोनों नेताओं का फूलों से अभिवादन किया। ट्रंप ने अपनी मुलाकात को अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन बताया। दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधमंडलों के साथ द्विपक्षीय बातचीत शुरू की। ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ अपने निजी तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनसे मिलना उनके लिए सम्मान की बात है। अभी तक शी जिनपिंग को चेतावनी देने वाले ट्रंप ने उन्हें अपना दोस्त बताया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बेहतर संबंध हैं।

वहीं शी जिनपिंग ने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को स्थिरता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच साझा हित उनके मतभेदों की तुलना में कहीं अधिक बड़े हैं। शी जिनपिंग ने रेखांकित किया कि दोनों देशों की सफलता एक दूसरे के लिए अवसर पैदा करती है और स्थिर द्विपक्षीय संबंध पूरी दुनिया के हित में हैं। उन्होंने ट्रंप के साथ प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने की इच्छा भी जताई।





