भारत के मिसाइल टेस्ट से कांपे पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान, बेहद खास है एमआईआरवी तकनीक

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत ने ओडिशा से मिशन दिव्यास्त्र के तहत एमआईआरवी तकनीक वाली एडवांस्ड अग्नि मिसाइल का सफल टेस्ट कर पड़ोसी देशों में खलबली मचा दी है। इससे भारत अब एमआईआरवी क्षमता प्राप्त करने वाला दुनिया का छठा देश बन गया है। भारत ने इसके बारे में कुछ भी अतिरिक्त जानकारी नहीं दी है। ऐसे में इस टेस्ट से पैदा हुए धुएं की लकीर खोजने में दुनिया भर के एक्सपर्ट जुटे हुए हैं। ऐसे में यहां यह जानना जरूरी है कि आखिर यह दिव्यास्त्र क्या है। एमआईआरवी तकनीक इतनी महत्वपर्ण क्यों है।
अग्नि मिसाइल का किया परीक्षण 

भारत ने एडवांस अग्नि मिसाइल का परीक्षण कर बड़ा रणनीतिक संदेश दे दिया है। यह परीक्षण सामान्य नहीं है। यह परीक्षण मात्र एक सामान्य मिसाइल टेस्ट नहीं है, बल्कि एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक समीकरण को पूरी तरह बदल देने वाला है। इसमें एक ऐसी तकनीक लगी है, जिससे दुश्मन के 10 से 12 ठिकाने एक साथ तबाह हो सकते हैं। परीक्षण के दौरान एक ही मिसाइल से कई स्वतंत्र वॉरहेड अलग-अलग टारगेट्स को भेदने में सफल रहे। इससे भारत विश्व की चुनिंदा शक्तियों में शामिल हो गया है जिसके पास यह खास तकनीक है। इस परीक्षण ने चीन और पाकिस्तान की रातों की नींद हराम कर दी है। पांच हजार किलोमीटर से ज्यादा दूर तक मार करने वाली यह एडवांस अग्नि-5 मिसाइल एक खास तकनीक से लैस है।
एमआईआरवी वर्जन का सफलतापूर्वक परीक्षण 

बता दें कि भारत ने ओडिशा के डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अग्नि-5 मिसाइल का एडवांस एमआईआरवी वर्जन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस खबर पर आम लोगों का तो ज्यादा ध्यान नहीं गया लेकिन दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ भारत से आई इस खबर से चौंक गए। वे कई तरह के अनुमान लगा रहे हैं। अनुमान इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि भारत की तरफ से इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया गया। परीक्षण के दौरान रोशनी इतनी तेज थी कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल के लोग तो क्या, बांग्लादेश तक में लोगों ने आसमान में रोशनी देखी। लोगों ने धुएं की लकीरों का विडियो रिकॉर्ड किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। बता दें कि परीक्षण से पहले भारत ने नोटम जारी किया था। जानकारों का कहना हैकि नोटम तब जारी किया जाता है जब कोई बड़ा परीक्षण होने वाला होता है। इस दौरान उस क्षेत्र कोई भी प्लेन नहीं उड़ सकता है।
अग्नि-5 सीरीज की मिसाइलें 

इस परीक्षण के बाद अग्नि-5सीरीज की मिसाइलें पाकिस्तान या चीन के सभी प्रमुख शहर एक ही अटैक में मलबे के ढेर में बदल देगी। इसकी जद में केवल चीन और पाक ही नहीं बल्कि पूरे यूरोप के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कई ठिकाने इसकी जद में आ जाएंगे। एमआईआरवी तकनीक की बात करें तो इसका पूरा नाम मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल है। इसका मतलब है कि एक मिसाइल कई परमाणु वॉरहेड ले जा सकती है। हर वॉरहेड सैकड़ों किलोमीटर दूर अलग-अलग टारगेट्स को निशाना बना सकती है। आसान शब्दों में समझे तो बिना एमआईआरवी तकनीक के एक मिसाइल केवल एक ही टारगेट पर हमला कर सकती है। वहीं इस तकनकी से एक मिसाइल कई सैन्य या रणनीतिक लक्ष्यों को एक साथ नष्ट कर सकती है। फिलहाल अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के बाद भारत अब इस एलीट क्लब में शामिल हो गया है।