ईरान की चेतावनी से दुनिया हैरान, बढ़ सकता है पश्चिम एशिया में संकट

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका को ऐसी चेतावनी दी है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। तेहरान ने अमेरिका को परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंचने की चेतावनी दी है। इससे एक बार फिर भीषण युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। दुनियाभर के रक्षा जानकार इसे भयानक खतरे की आहट मान रहे हैं।
पीएम मोदी ने की थी अपील

तीन दिन पहले पीएम मोदी ने यूं ही नहीं देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की थी। उनकी इस अपील को बड़े खतरे की आहट माना जा रहा था। अब यह बात ईरान की धमकी से खुलकर सामने आ गई है कि यह युद्ध जल्द रुकने वाला नहीं है। बता दें कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के कई हफ्ते गुजर चुके हैं। इस अटैक में न केवल ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेता मारे गए, बल्कि ईरान के सैन्य संसाधनों को भी तगड़ी क्षति पहुंची। अमेरिका और इजराइल को भी खासा नुकसान हुआ है। इस जंग की वजह से वैश्विक तेल-गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे भारत समेत दुनिया के बहुत सारे देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। यानी, जो देश इस जंग में हिस्सेदार भी नहीं हैं, उनपर भी इसका बुरा असर पड़ना शुरू हो गया है। वैश्विक संकट बनता जा रहा यह युद्ध अब और गहराने वाला है।
ईरान और अमेरिका के बीच मचा घमासान 

ईरान और अमेरिका के बीच मचे घमासान के बीच जिस बात का डर डोनाल्ड ट्रंप को बरसों से था, वही होने वाला है। ईरान ने परमाणु कांड की पूरी बिसात बिछा दी है। तेहरान ने दुनिया को सन्न करते हुए साफ चेतावनी दी है कि वो परमाणु हथियार बनाने के लिए तैयार है। यानी इस युद्ध की जो जड़ है वह खत्म नहीं हुई है। ईरान ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए साफ कह दिया है कि अगर उस पर अब एक भी हमला हुआ तो वो यूरेनियम को सीधा 90 परसेंट तक शुद्ध कर देगा। इसका सीधा मतलब है कि परमाणु बम का परीक्षण शुरु कर देगा। बता दें कि 90 प्रतिशत शुद्धता वे आंकड़ा है जिसे वेपन्स ग्रेड कहा जाता है। इस बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरेनियम को 20 से 60 प्रतिशत तक ले जाना ही सबसे कठिन होता है। जब यह आंकड़ा 90 प्रतिशत पहुंच जाता है तो समझ लेना चाहिए कि परमाणु बम बनाने की पूरी ताकत हासिल कर ली गई है। जानकारों का मानना है कि ईरान के पास इस समय 11,000 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम है।
ईरान के खजाने को न्यूक्लियर डस्ट कहते हैं ट्रंप 

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के इस खजाने को न्यूक्लियर डस्ट कहते हैं। वे इसे मिट्टी में मिलाने की कसम खा चुके हैं। ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है जिसमें यूरेनियम को किसी तीसरे देश भेजने की बात कही गई थी। ट्रंप ने साफ लहजे में पत्रकारों से कहा था कि वे ईरान के ठिकानों पर पल-पल नजर रख रहे हैं। अगर किसी ने हद पार की तो वे उन ठिकानों को उड़ा देंगे जहां परमाणु बम रखे गए हैं। दूसरी ओर ईरान अब झुकने के मूड में नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह न्यूक्लियर कांड  दुनिया को एक ऐसी जंग में झोंक सकता है जिसे रोकना किसी के बस में नहीं होगा।