जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर पर गतिविधियां बढ़ गई है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। इसी बीच इंडिया ब्लॉक को सुप्रीम कोर्ट ने झटका देते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया। वहीं दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक अलर्ट जारी किया है। साथ ही 6 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं। ऐेसे में निकलने से पहले एक बार एडवाइजरी जरुर देख लें।
लामबंद हो गया है विपक्ष
चुनाव आयोग में कथित अनियमितता को लेकर विपक्ष लामबंद हो गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का ऐलान कर दिया है। इसी बीच मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सांसदों के आवेदन को अस्वीकार करते हुए उनसे मिलने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के अनुसार विपक्ष जिन मुद्दों को उठाना चाहता है, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे में सीजेआई ने इस आवेदन को अस्वीकार किया है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी पार्टी के दूसरे नेता संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पुलिस से तारीख की मांग करेंगे। सीजेपी ने अल्टीमेटम दिया है कि दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख दे, ऐसा नहीं होने पर सीजेपी एक बार फिर प्रदर्शन का आह्वान करेगी।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के पास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। यहां दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स यानी आरएएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपीएफ के कर्मी भी तैनात हैं। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए इन इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। साथ ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉपोर्रेशन ने आज सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए हैं। इनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंभा रोड शामिल है। दूसरी ओर आंदोलन पर नजर रखने वाले जानकारों के अनुसार इस बार सीजेपी के प्रदर्शन में अब वैसा जोश नहीं दिखाई दे रहा है जैसा पहले था। इस बार सीजेपी की जगह इंडिया गठबंधन ने मजबूती से प्रदर्शन किया है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि पेपर लीक के खिलाफ जिस तरह का जनसमर्थन सीजेपी को मिला था, इस बार ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वैसा माहौल बनाने में सीजेपी नाकाम रही है। बता दें कि इस बार जंतर-ंमंतर पर सीजेपी का प्रोटेस्ट जुलाई में हुए पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन से अलग था। दिल्ली में पुलिस पहले से ज्यादा मुस्तैद थी और प्रदर्शनकारियों को प्रोटेस्ट साइट पर जमा नहीं होने पाए। दिल्ली में जब पिछली बार सीजेपी का आंदोलन हुआ था, तब देश के तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। सीजेपी इस बार 10 अक्टूबर को जुलाई जैसा ही करना चाहती थी लेकिन कर नहीं सकी।
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ शिकायत
वहीं आंदोलन से जुड़ी एक खबर और भी सामने आई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के नेताओं और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शनकारियों को जबरदस्ती गुरुद्वारे के अंदर घुसाए और सोशल मीडिया पर स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अपनी शिकायत में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक सुनियोजित तरीके से गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुए। उन्होंने परिसर के अंदर अफरा-तफरी और अशांति फैलाई। उनका आरोप है कि इन लोगों ने राजनीतिक गतिविधियों के लिए गुरु घर की पवित्रता का इस्तेमाल करने की कोशिश की।





