लद्दाख में 2026 में पर्यटकों के आगमन में 43 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई: उपराज्यपाल सक्सेना

लेह/जम्मू,एजेंसी। लद्दाख में इस वर्ष पर्यटकों के आगमन में एक ऐतिहासिक उछाल देखा गया है और 2026 के पहले पांच महीनों के दौरान 43 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों ने इसका श्रेय बेहतर बुनियादी ढांचे, बेहतर संपर्क और केंद्र शासित प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों को दिया है। शीत मरुस्थल के रूप में मशहूर लद्दाख भारत के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक बना हुआ है, जो अपने मनमोहक नजारों, झीलों, पुराने बौद्ध मठों और साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। सर्दियों के महीनों में भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्ग बंद हो जाते हैं, जिसकी वजह से इस मौसम में यह क्षेत्र अक्सर देश के बाकी हिस्सों से अलग-थलग पड़ जाता है।
पर्यटन के लिहाज से लद्दाख अहम


लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने एक्स पर आंकड़े साझा करते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि इस उच्च ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई पहलों की सफलता को दर्शाती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 पर्यटन के लिहाज से लद्दाख में अहम महीने के तौर पर उभरा है। इस महीने में यहां 72,834 पर्यटकों आए जबकि पिछले साल इस अवधि में केवल 32,927 पर्यटक आए थे। हालिया पर्यटकों के आगमन के साथ पर्यटन में 121.20 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई। सक्सेना ने बताया कि जनवरी और मई 2026 के बीच लद्दाख में 1,17,546 पर्यटकों का स्वागत किया गया, जबकि 2025 में इसी अवधि के दौरान यह संख्या 81,827 थी। अधिकारियों ने बताया कि पैंगोंग झील और नुब्रा घाटी सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।