श्रमिकों को बंधक बनाकर कराते थे काम, भूखे पेट कराते थे काम, डंडों से करते थे पिटाई

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां एक फैक्ट्री में बंधक बनाकर श्रमिकों से काम कराया जाता था। यही नहीं एक में सिर्फ एक बार सूखी रोटी देकर यातनाएं देकर काम करवाया जाता था। पुलिस ने बंधक बनाए गए 12 मजदूरों को मुक्त कराया है। जब कोई मजदूर भागने का प्रयास करता था तो उस पर पिटबुल डॉग छोड़ दिया जाता था। 


एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार सोमवार को सूचना मिली कि तितावी थाना क्षेत्र के गांव मांडी में स्थित एक फैक्ट्री में श्रमिकों को बंधक बनाकर काम करवाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक, सहायक श्रमायुक्त देवेश सिंह, तहसीलदार राधेश्याम गौड ने पुलिस टीम के साथ फैक्ट्री में अचानक छापा मारा। इस दौरान बिहार, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, झारखंड, राजस्थान के 12 श्रमिकों को बंधनमुक्त कराया गया है। जिनमें से कुछ नाबालिग हैं। फैक्ट्री मालिक के पिता प्रदीप बालियान निवासी मांडी व नौकर शिवा त्यागी निवासी उकावली थाना बुढ़ाना को गिरफ्तार किया गया है। जबकि, फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान मौके से फरार हो गया। 


एसएसपी ने बताया कि आरोपी 10 से 12 हजार रुपये वेतन कहकर श्रमिकों को फैक्ट्री में लाया जाता था। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर 24 घंटे काम कराया जाता था।दिन में मात्र एक बार सूखी रोटी खाने के लिए दी जाती थी। जब श्रमिक आपस में बात करते थे या फिर भागने का प्रयास करते थे तो उन्हें भाला, डंडों और हंटरों से पीटा जाता था। यही नहीं एक श्रमिक की गरम भाले से पिटाई की गई जिससे उसका कान तक कट गया। एसएसपी ने बताया कि मांडी की दोना फैक्ट्री में काम करने वाले तीन मजदूर लापता हैं।जिसमें नेपाल निवासी अर्जुन का शव नवंबर 2025 में मिल चुका है। श्रमिकों ने बताया कि अर्जुन की मौत के बाद आरोपियों ने उसके शव को बोरे में बंद करके फेंक दिया था। दो मजदूर लापता हैं। मुख्य आरोपी अंकित बालियान की गिरफ्तारी का पुलिस प्रयास कर रही है। इसके बाद लापता श्रमिकों की जानकारी सामने आएगी।