रितु तावड़े होंगी बीएमसी की नई मेयर, संजय शंकर घाडी बनेंगे उप महापौर

जन प्रवाद, ब्यूरो।
दिल्ली। बीएमसी में सत्ता का समीकरण पूरी तरह से बदल चुका है। शनिवार को महायुति गठबंधन ने भाजपा की वरिष्ठ पार्षद रितु तावड़े को महापौर (मेयर) और शिव सेना (शिंदे गुट) के नेता संजय शंकर घाडी को उप-महापौर पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। बीएमसी के 227 सदस्यीय सदन में महायुति के पास स्पष्ट बहुमत है। यही वजह है कि रितु तावड़े का मुंबई की अगली मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। इन दोनों पदों के लिए 11 फरवरी को बीएमसी मुख्यालय में चुनाव संपन्न होगा।


रितु तावड़े के बारे में 
बता दें कि रितु तावड़े मुंबई भाजपा का एक अनुभवी चेहरा हैं। वे तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। उन्होंने 2012 में वार्ड 127 से और 2017 में वार्ड 121 में जीत दर्ज की थी। 15 जनवरी 2026 को हुए चुनावों में उन्होंने घाटकोपर के वार्ड संख्या 132 से जीत हासिल की। वे पहले बीएमसी की महत्वपूर्ण ‘शिक्षा समिति’ की अध्यक्ष रह चुकी हैं। इसी वजह से उन्हें नागरिक प्रशासन का गहरा अनुभव है। तावड़े ने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और 2012 में भाजपा में शामिल हुई थीं। यदि वे निर्वाचित होती हैं, तो लगभग 40 वर्षों के बाद मुंबई को भाजपा का अपना महापौर मिलेगा। इससे पहले 1982-83 में प्रमाकर पाई भाजपा के मेयर रहे थे।
बहुमत में आगे महायुति
बता दें कि 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा मात्र 114 है। वर्तमान सदन में भाजपा के पास 89, शिवसेना के पास 29 पार्षद हैं। दोनों को मिलाकर 118 होते हैं जो बहुमत की संख्या से यह अधिक है। शिवसेना के पास 65, कांग्रेस के पास 24 पार्षद हैं। अजित पवार के एनसीपी के तीन, एमएनएस के छह और शरद पवार की पार्टी के सिर्फ एक पार्षद हैं।
भाजपा और शिंदे सेना के गठबंधन ने इस जीत के साथ मुंबई में ठाकरे परिवार के दशकों पुराने दबदबे का खत्म कर दिया है। रितु तावड़े को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और स्थानीय निवासियों से बेहतर संवाद के लिए जाना जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि बीएमसी का वार्षिक बजट लगभग 74,450 करोड़ रुपये है।