जन प्रवाद, ब्यूरो।
दिल्ली। ओला, उबर और रैपिडो जैसे तमाम ऑनलाइन राइडिंग ऐप के ड्राइवर आज पूर देश में हड़ताल पर है। ड्राइवरों की हड़ताल के चलते देश भर में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में हड़ताल का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। गुरुग्राम, दिल्ली, नोए़डा, गाजियाबाद समेत दिल्ली- एनसीआर के क्षेत्रों में हड़ताल के चलते नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। प्रतिदिन इन राइडिंग ऐप का इस्तेमाल करने वाले कुछ लोगों की राइड बुक नहीं हुई और बुक भी हुई तो अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भुगतान करना पड़ा। इसके अलावा कुछ लोगों को राइड बुक करने में काफी लंबे समय लगा।

क्या है राइडर्स की मांग
ओला, उबर, रैपिडो समेत सभी ऑनलाइन राइडिंग ऐप के ड्राइवर एसोसिएशन्स के पदाधिकारियों ने बताया कि राइड के भुगतान का पूरा पैसा हमारे खाते में नहीं है। किराए का कुछ हिस्सा कंपनी अपने पास रख लेती है जिससे परेशानी हो रही है। इसके अलावा हमारी सुरक्षा के लिए भी पूरे नियम नहीं है, इससे भी परेशानी हो रही है। साथ ही भारत सरकार की ओर से भारत टैक्सी ऐप चालू किया गया है जिससे हमारे रोजगार के अवसर भी कम है। इस ऐप के नियमों के संबंध में भी पूरी जानकारी नहीं दी गई है। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं होती है तो एक दिवसीय हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
प्रतिदिन सफर करने वाले लोगों ने सार्वजनिक वाहनों का लिया सहारा
ओला, उबर और रैपिडो जैसे तमाम ऑनलाइन राइडिंग ऐप का प्रतिदिन उपयोग करने वाले लोगों ने आज सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल किया। गुरुग्राम निवासी पूजा ने बताया कि वह एक निजी बैंक में काम करती है। उन्हें हड़ताल के संबंध में सूचना नहीं था। सुबह कार्यालय जाते समय ऑटो बुक होने में काफी समय लगा। ऑटो बुक हो तो गया लेकिन ज्यादा पैसे लगे।

मेट्रो स्टेशन के नीचे लगी सार्वजिनक वाहनों के लिए लंबी कतार
ओला, उबर और रैपिडो जैसे तमाम ऑनलाइन राइडिंग ऐप के ड्राइवर की हड़ताल के कारण मेट्रो स्टेशन के नीचे वाहनों के सार्वजनिक वाहनों के लिए लंबी कतार दिखाई दी। गुरुग्राम के इफको चौक और हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के नीचे हालात ज्यादा खराब दिखाई दिए। एक दैनिक यात्री उज्जवल ने बताया कि उसे इफको चौक से हीरो होंडा चौक जाना था, उन्हें 30 मिनट के इंतजार के बाद ऑटो मिला। इसके अलावा सार्वजनिक वाहनों चालकों ने भी हड़ताल के कारण अपने दाम बढ़ा दिए। जहां पहले 3 किलोमीटर के लिए 20 से 30 रुपए लगते थे वहीं आज 50 से 60 रुपए लगाकर यात्री अपने
गंतव्य तक पहुंचे।





