दोहरे वार से बढ़ गई पाकिस्तान सरकार और मुनीर की टेंशन 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत के करीबी दोस्त रूस ने एस-400 सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस सिस्टम की चौथी रेजिमेंट की खेप भारतीय वायुसेना को सौंप दी है। इसी बीच अस्त्र-एमके-1 मिसाइल की मारक क्षमता में भी बढ़ोतरी की जा रही है। ऐसे में दोहरे वार से पाकिस्तान में मुनीर और शहबाज सरकार की टेंशन बढ़ गई है।
दुनिया में चल रहे तनाव के बीच तैयारियां

दुनिया में चल रहे तनाव और भविष्य की रणनीतिक चुनौतियों को भांपते हुए भारत लगातार अपनी हवाई सुरक्षा और हमला करने की क्षमता को बढ़ा रहा है। भारत की स्वदेशी बियॉन्ड-विजुअल-रेंज यानी बीवीआर एयर-टू-एयर मिसाइल अस्त्र एमके-1 को जल्द ही बड़ी क्षमता वृद्धि मिलने जा रही है। मिसाइल की प्रभावी मारक दूरी को मौजूदा 110 किलोमीटर से बढ़ाकर लगभग 160 किलोमीटर तक ले जाने की तैयारी है। यह सुधार एडवांस ट्रैजेक्टरी आॅप्टिमाइजेशन, प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी और एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए हासिल किया जाएगा। एक्सपर्ट का मानना है कि यह विकास भारतीय वायुसेना और भविष्य के मानव रहित लड़ाकू प्लेटफॉर्मों की क्षमता को नई ऊंचाई देगा। रेंज बढ़ने के बाद अस्त्र एमके-1 की जद में पाकिस्तान का तकरीबन आधा एयरस्पेस यानी आसमानी क्षेत्र आ जाएगा।
अस्त्र मिसाइल के आगे दुश्मन होगा पस्त

अपग्रेडेड अस्त्र मिसाइल को भविष्य में ड्रोन, यूएसीवी, सुखोई 30एमकेआई और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात करने की योजना है। इसका मतलब है कि भारतीय वायुसेना और भविष्य के मानव रहित लड़ाकू प्लेटफॉर्म पहले से कहीं अधिक दूरी से दुश्मन के विमानों को निशाना बना सकेंगे। इसकी बढ़ी हुई रेंज और मैक 4.5 की रफ्तार चीन और पाकिस्तान वायुसेना के लिए नई चुनौती बन सकती है। इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग की रिपोर्ट के अनुसार, 5500 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की गति से उड़ने वाली यह मिसाइल 160 किलोमीटर की दूरी दो मिनट से भी कम समय में तय कर सकती है। इसका अर्थ यह है कि किसी भी संभावित खतरे की चेतावनी मिलने के बाद पाकिस्तानी पायलटों के पास प्रतिक्रिया देने या सुरक्षित स्थिति में पहुंचने के लिए बेहद सीमित समय बचेगा। दूसरी ओर भारतीय वायुसेना को रूस निर्मित एस-400  सुदर्शन चक्र  एयर डिफेंस सिस्टम की चौथी रेजिमेंट भी भारत को मिल गई है।  5.43 अरब डॉलर के भारत-रूस समझौते के तहत खरीदे गए इस सिस्टम की तीन रेजिमेंट पहले ही तैनात की जा चुकी हैं।  अब इसे चौथी रेजिमेंट के पश्चिमी मोर्चे पर तैनात होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि एस-400 दुनिया के सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है। यह 400 किलोमीटर तक की दूरी पर लड़ाकू विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे कई लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक और इंटरसेप्ट कर सकता है। इससे भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता और भी मजबूत हो जाती है।
शहबाज व असीम मुनीर परेशान

ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ व सेना प्रमुख असीम मुनीर की टेंशन बढ़ गई है। बता दें कि पाकिस्तान के कई प्रमुख एयरबेस, जैसे कमरा, सरगोधा और नूर खान एयरबेस, भारतीय सीमा से कम दूरी पर स्थित हैं। यदि भारतीय लड़ाकू विमान या ड्रोन अपनी सीमा के भीतर गश्त करते हुए लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस रहते हैं, तो वे सीमा पार किए बिना भी दुश्मन के विमानों पर नजर बनाए रख सकते हैं। ऐसे में पाकिस्तानी वायुसेना को पीछे हटना पड़ सकता है। अस्त्र एमके-1 की बढ़ी हुई रेंज पाकिस्तान की टेंशन बढ़ा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि भारत पिछले कुछ वर्षों से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और तकनीकी आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दे रहा है। अस्त्र जैसी स्वदेशी मिसाइलों का विकास, तेजस लड़ाकू विमान, एडवांस्ड ड्रोन प्रोग्राम और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा हैं। इसके अलावा, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन पहले से ही अस्त्र अस्त्र-2 पर काम कर रहा है, जिसकी रेंज 200 से 240 किलोमीटर तक होने की संभावना है। यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो वायुसेना की मारक क्षमता बेहद ताकतवर हो जाएगी।