जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए आज का दिन बेहद खास होने जा रहा है। आसमान में ऐसा नजारा दिखाई देगा जिसको सदियों में एक बार देखा जाता है। आज पृथ्वी सूर्य से अधिकतम दूरी पर होगी। वैज्ञानिक इसे एफेलियन डे कह रहे हैं।
आसमान में दिखेगी अद्भुत घटना
आज आसमान में अद्भुत और दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है। पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी बढ़कर रिकॉर्ड 15.2 करोड़ किलोमीटर हो जाएगी। आज रात करीब 11 बजे हमारी धरती साल 2026 में सबसे दूरी पर होगी। वैज्ञानिक इस घटना को एफेलियन डे कह रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी भले ही गोल है लेकिन सूर्य के चारों ओर घूमने की कक्षा पूरी तरह गोल न होकर थोड़ी अंडाकार है। इस वजह से साल में एक बार पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब होती है। वहीं इस बार दुर्लभ घटना होने जा रही है। इस बार पृथ्वी सर्यू के सबसे नजदीक नहीं बल्कि सबसे दूरी पर नजर आएगी। इस खगोलीय घटना के समय पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी बढ़कर लगभग 15 करोड़ 20 लाख किलोमीटर हो जाएगी। बता दें कि तीन जनवरी को पृथ्वी जब सूर्य के सबसे नजदीक थी, तब उनके बीच की दूसरी लगभग 14 करोड़ 70 लाख किमी थी। इस खगोलीय घटना को एफेलियन डे के अलावा पेरिहेलियन भी कहा जा रहा है।
सूर्य से अधिकतम दूरी पर पृथ्वी
अब सबसे बड़ा सवाल उठता है कि जब पृथ्वी सूर्य से अधिकतम दूरी पर पहुंच जाएगी तो क्या भारत सहित पूरी दुनिया में गर्मी कम हो जाएगी। इस बारे में नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने अपने विचार साझा किए। उनके अनुसार आम तौर पर लोग सोचते हैं कि सूर्य से दूरी बढ़ने पर ठंड होनी चाहिए, लेकिन भारत सहित उत्तरी गोलार्ध में इस समय गर्मी है। इस विरोधाभास को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि मौसमों का बदलना सूर्य से पृथ्वी की दूरी पर निर्भर नहीं करता, बल्कि पृथ्वी की धुरी के झुकाव पर निर्भर करता है। सारिका के अनुसार वर्तमान में पृथ्वी अपनी धुरी पर साढ़े 23 डिग्री झुकी हुई है। इसका उत्तरी गोलार्ध सूर्य की तरफ झुका हुआ है। इस वजह से इन दिनों भारत सहित उत्तरी गोलार्ध के देशों को सूर्य की सीधी और तीखी किरणें मिल रही हैं, जिससे गर्मी पड़ रही है। इसके विपरीत, दक्षिणी गोलार्ध जैसे आस्ट्रेलिया में सूर्य की किरणें तिरछी पड़ रही हैं, जिससे वहां इस समय सर्दियों का मौसम है। सूर्य से कम दूरी होने के सवाल पर सारिका ने कहा कि इसका कारण भी पृथ्वी का झुकाव है। मौजूदा समय में पृथ्वी अपनी धुरी पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है। इसके कारण दूरी बढ़ जाती है। इस दूरी के कारण सूर्य का आकार आकाश में सामान्य से लगभग 3.4% छोटा दिखाई देगा। दूसरी ओर अन्य वेधशालाओं के वैज्ञानिकों ने भी अपनी राय साझा की है। उनके अनुसार इसे हम अपनी नंगी आंखों से महसूस नहीं कर सकते। वैज्ञानिकों ने आम जनता और बच्चों से अपील की है कि वे इस एफेलियन डे को विज्ञान को समझने के एक अवसर के रूप में लें। इस अद्भुत खगोलिय घटना के समय भूलकर भी सूर्य को सीधे नंगी आंखों या साधारण दूरबीन से न देखें। इससे आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।





