पुणे, एजेंसी। महाराष्ट्र के पुणे जिले में सोमवार को भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का मलबा एक घर पर गिर गया जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और परिवार के दो अन्य सदस्य लापता हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटना मावल तहसील के पाटन गांव में हुई। पुलिस ने बताया कि तड़के गांव में भूस्खलन होने से मलबे के नीचे एक घर दब गया, जिससे परिवार के तीन सदस्य उसमें फंस गए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) अधिकारी ने कहा, मलबे से एक व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है और अन्य दो लोगों की तलाश जारी है। पुलिस उपाधीक्षक गजानन टोम्पे ने कहा कि भारी बारिश के बाद इस दूरदराज के गांव में तीन जगह भूस्खलन हुआ। उन्होंने कहा, इन घटनाओं में से एक में एक घर मलबे के नीचे दब गया। सोमवार तड़के जब भूस्खलन हुआ, तब घर के अंदर तीन लोग मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय समूहों की टीम खोज और बचाव अभियान में जुटी है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में एनडीआरएफ की टीम ने मावल तहसील में घोरावाडी रेलवे स्टेशन के पास जलभराव के बाद एक निजी बस में फंसे 37 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया।
बाढ़ में डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग बाधित
जम्मू, एजेंसी। जम्मू कश्मीर में रविवार को रात भर हुई लगातार बारिश की वजह से अचानक आयी बाढ़ के कारण डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हुई तथा पर्वतीय जिलों डोडा और किश्तवाड़ में निमार्णाधीन 540 मेगावाट वाली क्वार पनबिजली परियोजना के पास कई गाड़ियां मलबे में दब गईं अचानक बाढ़ आने के बाद राजमार्ग पर भारी मात्रा में कीचड़, चट्टानें और मलबा जमा हो गया। अधिकारियों ने कहा कि राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया जिससे यातायात निलंबित कर दिया गया। बाढ़ के मलबे में फंसे कई वाहन प्रेम नगर में सड़क किनारे खड़े दिखे। हालांकि बाढ़ में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। अधिकारियों ने सड़क की सफाई और मरम्मत का काम शुरू कर दिया है, वहीं यात्रियों को सलाह दी गई है कि मार्ग के दोबारा खुलने तक वे राजमार्ग पर यात्रा करने से बचें और आधिकारिक यातायात निदेर्शों का पालन करें। पड़ोसी किश्तवाड़ जिले में भी भारी बारिश के कारण निमार्णाधीन 540 मेगावाट क्वार पनबिजली परियोजना के सुरंग क्षेत्र के पास एक बड़ा भूस्खलन हुआ और कीचड़ का मलबा जमा हो गया।
अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ अपने साथ परियोजना क्षेत्र में भारी मात्रा में कीचड़ और पत्थर ले आई, जिससे ट्रकों, खुदाई में इस्तेमाल होने वाले भारी वाहन और अन्य निर्माण उपकरणों सहित कई वाहन दब गए तथा निर्माण सामग्री को भी नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि कई गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और मलबे के नीचे फंसी हुई हैं; फंसी हुई गाड़ियों को निकालने और प्रभावित जगह पर सामान्य स्थिति बहाल करने का काम जारी है। अधिकारियों ने बताया कि रियासी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों से भी अचानक बाढ़ आने की छिटपुट घटनाओं की खबर मिली है।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में रातभर मध्यम से भारी बारिश हुई जिससे चंबा और कुल्लू जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए और कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि चंबा जिले के चुराह उपमंडल में पंगोला नाले में अचानक आई बाढ़ के कारण चंबा-तिस्सा मार्ग बंद हो गया। वहीं, कुल्लू जिले के लारजी-सैंज मार्ग पर पागल नाले में बाढ़ आने से यातायात प्रभावित हुआ। अधिकारियों के अनुसार, मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 97 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कांगड़ा में 74.8 मिमी, पालमपुर में 35.4 मिमी, भरवाईं में 34 मिमी, सराहन में 32.5 मिमी, रोहड़ू में 30 मिमी और धर्मशाला में 27.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने सोमवार को बताया कि कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, चंबा, मंडी और शिमला जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।





