अरब-तुर्की हमलों का इतिहास पढ़ेंगे 9वीं के छात्र 

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। अब 9वीं के छात्र अरब-तुर्की हमलों के खिलाफ संघर्ष का इतिहास पढ़ेंगे। इसके अलावा लिज्जत पापड़-ओबरॉय की सक्सेस स्टोरी को भी छात्र जान सकेंगे। एनसीआरटी द्वारा जारी किताब में नए व पुराने भारत को अलग अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीआरटी ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए सोशल साइंस की नई टेक्स्टबुक जारी कर दी है। इस किताब का नाम अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड  रखा गया है। बता दें कि यह कक्षा 9 की सोशल साइंस की टेक्स्टबुक का दूसरा भाग है। यह किताब 29 सितंबर यानी कल उपलब्ध हो चुकी है। पुस्तक विवरण के अनुसार 9वीं के छात्र मोहम्मद गोरी को धूल चटाने वाली चालुक्य रानी नायकी देवी के शौर्य और विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ 1000 से 1700 ईस्वी के प्रतिरोध का इतिहास पढ़ेंगे। इसके अलावा नई पाठ्यपुस्तक के अध्यायों की संरचना में बड़े बदलाव किए हैं। इस नए फेरबदल के तहत पढ़ाई का बोझ कम करने के साथ-साथ कई चैप्टरों के स्थान बदले गए हैं। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार इसमें इतिहास का नया हिस्सा जोड़ा गया है। 
तय किए गए चैप्टर 

मूल रूप से कक्षा 9 के लिए तय किए गए चैप्टर भारत और समकालीन विश्व भाग 1 को अब 9वीं के सिलेबस से हटा दिया गया है। किताब के इंट्रोडक्टरी नोट के मुताबिक, इस चैप्टर को अब कक्षा 10वीं में उसी से जुड़ी अन्य थीम्स और लर्निंग आउटकम्स के साथ पढ़ाया जाएगा। एनसीईआरटी का मानना है कि इस बदलाव से 9वीं और 10वीं दोनों कक्षाओं का पाठ्यक्रम ज्यादा सुसंगत, उम्र के अनुकूल और बच्चों की सीखने की जरूरतों के मुताबिक बनेगा। नए अध्यायों की बात करें तो इसमें 1000 ईस्वी से 1700 ईस्वी के दौरान विदेशी आक्रमणों और क्षेत्रीय विस्तार के खिलाफ भारतीय राजाओं व समुदायों के कड़े प्रतिरोध और जवाब को उजागर किया गया है। चैप्टर का पहला भाग सेफगार्डिंग सोवरेनटी है। इसमें बताता गया है कि कैसे क्षेत्रीय शक्तियों ने युद्ध, कूटनीति, आपसी गठबंधनों और सहयोग के जरिए अपनी राजनीतिक स्वायत्तता और सीमाओं की रक्षा की। पुस्तक में अरब और तुर्की ताकतों के हमलों के खिलाफ दक्कन, मालवा, कश्मीर और राजस्थान के भारतीय राज्यों द्वारा दिए गए करारे जवाब का जिक्र है। चैप्टर में 1178 ईस्वी में माउंट आबू के पास चालुक्य राजवंश की रानी नायकी देवी द्वारा मोहम्मद गोरी को धूल चटाने की ऐतिहासिक घटना को प्रमुखता से शामिल किया गया है।  जिस सेंगोल को लेकर नए संसद भवन के उद्घाटन के वक्त सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए थे, वही सेंगोल अब नौवीं कक्षा के बच्चों को सुशासन का पाठ पढ़ाएगा। किताब में लिखा है कि 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे नए संसद भवन में स्थापित किया। इसे धर्मसम्मत शासन के चिह्न के रूप में इस्तेमाल करने की परंपरा चोल राजवंश के दौर में शुरू हुई थी।  बच्चों को नई कर व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स की गणना करना सिखाया जाएगा। उदाहरणों के जरिए समझाया जाएगा कि टैक्स की देनदारी कैसे तय होती है। सिलेबस में बताया गया है कि ईमानदारी और समय पर टैक्स देना हर नागरिक का फर्ज है, क्योंकि इसी टैक्स से देश के विकास और सार्वजनिक सेवाओं के लिए फंड जुटता है। आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देकर समझाया गया है कि कैसे बीमा के जरिए कम आय वाले परिवारों को मेडिकल इमरजेंसी में वित्तीय सुरक्षा मिलती है। 
सत्यमेव जयते को किया गया शामिल

मुंडक उपनिषद से लिए गए राष्ट्रीय आदर्श वाक्य सत्यमेव जयते और महाभारत से लिए गए सुप्रीम कोर्ट के वाक्य यतो धर्मस्ततो जय: को शामिल किया गया है। गुड गवर्नेंस को बरगद के पेड़ के चित्र से समझाया गया है।  इसकी 7 शाखाएं भागीदारी, कानून का शासन, जवाबदेही, प्रभावशीलता, समावेशिता, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता को दर्शा रही हैं। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी और 'खेलो भारत नीति 2025 के जरिए बच्चों को समझाया गया है कि नीतियां कैसे बनती हैं और खेल कैसे राष्ट्र निर्माण में मदद करते हैं। इसके अलावा अध्याय 6 फ्रॉम आइडियाज टू स्टार्टअप्स में भारतीय कारोबारियों और पारंपरिक मॉडल्स के जरिए उद्यमिता समझाई गई है। पाठ्यक्र में लिज्जत पापड़ शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि 1959 में मुंबई की 7 गृहिणियों द्वारा 80 रुपये की छोटी सी पूंजी से शुरू हुए श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ बड़ा बिजनेस कर रहा है। 50 रुपये महीने की सैलरी पर होटल क्लर्क का काम करने वाले एमएस ओबेरॉय की देश की सबसे बड़ी होटल चेन बनाने की प्रेरणादायक यात्रा पढ़ाई जाएगी। स्वामी विवेकानंद के विचार से शुरू होने वाले इस खंड में भारत के 120 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स का जिक्र है। ई-कॉमर्स, फिनटेक, एग्रीटेक और हेल्थकेयर सेक्टर्स में नए बिजनेस की भूमिका पर बात की गई है।  इसके अलावा नागरिक शास्त्र के हिस्से में भी बड़ा सुधार हुआ है। पहले से प्रस्तावित अथॉरिटी' चैप्टर की जगह अब गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी नाम से नया अध्याय जोड़ा गया है। इससे छात्रों को सरकार के कामकाज और सार्वजनिक नीतियों की व्यावहारिक समझ मिलेगी।