जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा के अलावा मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव और कई अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सभी पर साजिशन धोखाधड़ी से चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने टिन्नू समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि राम मंदिर में बीते छह जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों ने खुद ही संदिग्धों को पकड़कर जांच शुरू की थी। मामले ने जब तूल पकड़ा तो 13 जून को सरकार ने जांच एसआईटी को सौंपी। एसआईटी ने 23 जून को शासन को सौंपी रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की। इसके दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने तुरंत केस दर्ज करने और पुलिस के ईमानदार व सक्षम अफसरों को जांच में शामिल करने की मांग की।
गुरुवार शाम को ट्रस्टी कृष्णमोहन की तहरीर पर कोतवाली रामजन्मभूमि में एफआईआर दर्ज कराई गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच में जो आरोपी चोरी करते दिखे थे, उन सभी को आरोपी बनाया गया है। पूछताछ व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि पूरी साजिश में टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की बड़ी भूमिका थी। सुभाष ने ही चोरी के खेल में अन्य लोगों को जोड़ा था। गणना में ड्यूटी लगाने को जांच पड़ताल का जिम्मा सुभाष के पास था। एसआईटी ने फुटेज को साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया था। अब पुलिस अपनी विवेचना में इन साक्ष्यों को शामिल करेगी।
बता दें कि एसआईटी जांच में करोड़ों रुपये की नकदी व जेवरात की हेरफेरी सामने आई र्है। ट्रस्ट ने भी इन आरोपियों को पकड़ा था। करीब तीन करोड़ रुपये इनकी निशानदेही पर बरामद भी किए गए थे। अब जांच में स्पष्ट होेगा कि कुल कितने करोड़ की चोरी हुर्ई। सोने-चांदी व कीमती धातु के कितने जेवरात गायब किए गए।

सूत्रों की मानें तो आरोपी नकदी को बाथरूम छिपाते थे। जैसे ही मौका मिलता था सारी नकदी को मंदिर के बाहर ले जाते थे। इसके बाद एक मकान में बंटवारा होता था। यह खेल तीन साल से चल रहा था। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू चंपत राय का बेहद करीबी है। गणना प्रक्रिया की देखरेख और मंदिर की हर व्यवस्था में उसका हस्तक्षेप था। गणना कक्ष की चाबी इसके पास ही रहती थी। इसके अलावा लवकुश मिश्रा अनिल मिश्रा का रिश्तेदार है। उसकी चढ़ावा गणना में ड्यूटी रहती थी। जांच में उसके घर से चोरी की रकम बरामद भी बरामद की गई है। इसके अलावा अनुकल्प मिश्रा अनिल मिश्रा का रिश्तेदार है। चढ़ावा गणना में वह तैनात रहता था। घर से चोरी की रकम बरामद की गई है। इसके अलावा मनीष यादव टिन्नू यादव का भतीजा है। वह गणना प्रक्रिया में शामिल रहता था। इसके पास से भी चोरी की रकम बरामद की गई है। साथ ही विनाश शुक्ला की भी चढ़ावे की गणना में ड्यूटी रहती थी। उसके बैंक खाते से पांच लाख रुपये बरामद होने की बात सामने आ रही है। अगला आरोपी सुभाष श्रीवास्तव है जो गणना का इंचार्ज था। सुभाष की निगरानी में ही गणना होती थी। अन्य आरोपी करुणेश पांडेय है जो अनुकल्प व लवकुश के साथ साजिश में शामिल है। साथ ही रमाशंकर मिश्रा भी इस साजिश में शामिल है।





