रक्षाबंधन से पहले होगी बड़ी खगोेलिए घटना, अद्भुत नजारे को देखना होगा रोमांचक

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। रक्षाबंधन से पहले बड़ी खगोेलिए घटना घटने वाली है। आज रात  पृथ्वी की छाया में 96 प्रतिशत से ज्यादा का चांद का भाग दिखाई नहीं देगा। यानी आज की रात आपको आसमान में शानदार नजारा दिखने को मौका मिलेगा। चन्द्रमा के बाहर बचा हुआ किनारा सैकड़ों गुना ज्यादा चमकदार और कटा हुआ दिखेगा। इस अद्भुत नजारे को देखना कभी नहीं भेलना चाहिए। सावन पूर्णिमा का दिन इस बार खगोलीय घटना के लिहाज से खास रहने वाला है। 28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां रहने वाले लोगों को इसके सूतक काल को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। खास बात यह है कि यह एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण है, जो विश्व में आंशिक  रूप से दिखाई देगा। वहीं, जो लोग पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, उनके लिए भी इस बार तारीख को लेकर थोड़ा बदलाव रहेगा। पंचांग के अनुसार, वैसे तो चंद्र ग्रहण की शुरूआत सुबह 6 बजकर 55 मिनट से हो जाएगी। चंद्र ग्रहण का आंशिक रूप सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर दिखाई देगा। इस ग्रहण की पीक टाइमिंग सुबह 9 बजकर 43 मिनट रहेगी। वहीं, ग्रहण का समापन दोपहर 12 बजकर 30 मिनट रहेगी। 
दिखाई देगा 96 प्रतिशत हिस्सा 


बता दें कि चंद्रग्रहण के दौरान 27 अगस्त की रात को चांद की चौड़ाई का 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी अंदरूनी छाया में चला जाएगा। बाहर बचा हुआ किनारा सैकड़ों गुना ज्यादा चमकदार होगा और कटा हुआ दिखेगा। खगोल शास्त्र के वैज्ञानिकों ने कहा कि इस हफ्ते दुनिया के एक बड़े हिस्से को दुर्लभ चंद्र ग्रहण देखने को मिलने जा रहा है। 27-28 अगस्त की दरम्यानी रात को पृथ्वी की छाया चंद्रमा की सतह के 96 फीसदी हिस्से को ढक लेगी। इससे चंद्रमा का रंग गहरा लाल हो जाएगा क्योंकि उस पर हमारी पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर और मुड़कर आने वाली रोशनी पड़ेगी। ऐसे में आसमान में एक अनोखा नजारा बनेगा, जिसका ना सिर्फ वैज्ञानिकों बल्कि आम लोगों को भी इंतजार है। बता दें कि आंशिक चंद्र ग्रहण तब होगा, जब महीने की पूर्णिमा के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरेगी। इस दौरान पृथ्वी की घुमावदार अंदरूनी छाया चंद्रमा की सतह पर धीरे-धीरे बढ़ती हुई दिखेगी। वहीं ग्रहण के सबसे ज्यादा असर वाले समय में एक पतली अर्धचंद्राकार पट्टी पर सीधी धूप पड़ती रहेगी। 27-28 अगस्त का आंशिक चंद्र ग्रहण उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में रहने वाले करीब 3.3 अरब लोगों को दिखाई देगा। पृथ्वी से देखने वाले सभी लोगों के लिए हर चरण एक ही समय पर होगा। हालांकि ग्रहण के हर चरण का स्थानीय समय आपकी जगह के हिसाब से अलग-अलग होगा।

अमेरिका के वेस्ट कोस्ट पर लॉस एंजिल्स (कैलिफोर्निया) और पोर्टलैंड ओरेगन जैसे शहरों में देखने वालों के लिए ग्रहण का सबसे ज्यादा असर वाला समय सूरज डूबने के कुछ ही घंटों बाद आएगा। न्यूयॉर्क और जैक्सनविले जैसे ईस्ट कोस्ट शहरों से देखने वालों को यह चंद्र नजारा आधी रात के आस-पास अपने चरम पर दिखेगा। यूके, यूरोप और अफ्रीका के लिए यह ग्रहण सुबह-सुबह होगा। यह सूर्योदय से ठीक पहले होगा, जब चंद्रमा पश्चिमी क्षितिज की ओर नीचे की तरफ झुका होगा। जब ग्रहण लगेगा तो पृथ्वी के दिन वाले हिस्से में मौजूद लोगों को चांद दिखाई नहीं देगा। इसलिए आॅस्ट्रेलिया, भारत, चीन और जापान जैसे कई देशों में इसे नहीं देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण की खास बात यह है कि सूर्य ग्रहण के उलट इसे बिना किसी खास चश्मे के नंगी आंखों से देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण देखने के लिए आपको सुरक्षा चश्मे या खास उपकरण की जरूरत नहीं होगी। हालांकि दूरबीन या टेलीस्कोप से अनुभव बेहतर हो सकता है।
बतां दे कि चंद्र ग्रहण तब होता है जब चांद, पृथ्वी और सूरज एक सीध में सामने आते हैं। इस दौरान चांद पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है। हालांकि, चंद्र ग्रहण के दौरान चांद आसमान से गायब नहीं होता बल्कि यह गहरे लांल रंग में नजर आता है। इसी

जह से इसे ब्लड मून कहा जाता है।