नेपाल त्रासदी में 162 की मौत, हजारों लोग लापता, कई भारतीय भी शामिल

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
नोएडा। नेपाल में बुधवार को आई त्रासदी में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक 162 लोगों के मरने की खबर है। तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ में कुछ भी नहीं बचा। रास्ते में जो भी आया उसे बहाकर ले गई। इस बाढ़ में कई पुल, हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट तबाह हो गए। एक हजार के करीब लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार तिब्बत में बाढ़ के बाद से 558 लोग लापता है। नेपाल में भी सैंकड़ों लोग लापता है। नेपाल के भोटेकोशी बाढ़ में बैंक की 9 शाखाए बह गर्इं, जबकि  26 कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। 


नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन की ओर से यह जानकारी दी गईहै। उन्होंने बताया कि रसुवा में इन शाखाओं में काम करने वाले लगभग 26 कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। एसोसिएशन का कहना है कि टेलीफोन लाइनें खराब होने और बिजली न होने के कारण संपर्क करने में दिक्कतें आ रही हैं। एसोसिएशन के अनुसार, रसुवा में माछापुछे, नबिल, सनिमा, लक्ष्मी सनराइज, हिमालयन, प्रभु, ग्लोबल आईएमई, इन्वेस्टमेंट मेगा और एनएमएबी बैंक की शाखाएं थीं।


बता दें कि बुधवार तड़के अचानक नेपाल की भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ा और उसने बाढ़ का रूप ले लिया। देखते ही देखते कई पुल, प्रोजेक्ट्स और इमारतें भरभरा कर गिरने लगीं। पुलिस अलग-अलग जिलों में बाढ़ की चपेट में आने वाले घरों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है, विभिन्न एजेंसियों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जरूरी बचाव और खोज अभियान चला चलाया जा रहा है। कई जगहों पर बंद हुए रास्तों को खोलने का काम किया जा रहा है। 


रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। इस त्रासदी में भारत ने पड़ोसी देश की हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली समकक्ष बालेंद्र शाह से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।


वहीं, भारत ने नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह सहायता संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खडका राज पौडेल को सौंपी। भारतीय दूतावास ने कहा कि यह मदद बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में काम आएगी। भारत ने दोहराया कि वह मुश्किल समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।


वहीं अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में अमेरिका नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। गुटेरेस ने ‘एक्स पर लिखा कि वह बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं।


गुटेरेस ने कहा कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार की अगुवाई में चल रहे राहत अभियान में मदद कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी सामान और कर्मचारियों को जुटा रहे हैं। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा, कनाडा सरकार इस मुश्किल समय में बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। कार्नी ने उन लोगों के प्रति भी संवेदना जताई है, जिन्होंने अपने किसी करीबी को खो दिया है। साथ ही उन लोगों के बारे में भी चिंता जताई, जो अभी भी अपने परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं।