कौन होगा बांग्लादेश का अगला प्रधानमंत्री ?

जन प्रवाद, ब्यूरो।
एजेंसी, भाषा। बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ आक्रोश के बाद से मुहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का अंत नजदीक आ गया है। अब पहले आम चुनाव की घड़ी आ गई है। गुरुवार को वोटिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान कर रहे हैं। शाम साढ़े 4 बजे तक मतदान का समय सुनिश्चित किया गया है। इस चुनाव को 2009 के बाद देश का पहला असली मुकाबला भी माना जा रहा है।
बता दें कि करीब 17 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में 12 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। यहां की संसदीय 300 सीटों में 299 सीटों पर वोटिंग हो रही है, जिसके लिए कुल 1,981 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव का भरोसा दिलाया है।


यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि देश में चुनाव के साथ-साथ एक जटिल 84 सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया जा रहा है। मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। इससे पहले मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को पिछले साल भंग कर दिया था और पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता और देश के भावी पीएम बताए जा रहे तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज सेंटर में मतदान किया। बता दें कि तारिक रहमान देश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी चीफ रहीं खालिदा जिया के बेटे हैं।
पहली बार उतारा हिंदू उम्मीदवार
बांग्लादेश में हो रहे आम चुनाव ऐसा पहला मौका है जब जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने हिंदू उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। जमात के उम्मीदवार कृष्णा नंदी 13वें आम चुनाव में खुलना-1 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। जमात ने नंदी को इस हिंदू-बहुल सीट पर अपना उम्मीदवार बनाया है।