जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड में एसओजी टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। एसओजी की टीम ने तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के पुत्र शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मेडिकल कराने के बाद पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। हिट एंड रन केस में शिवम आरोपी है। वह कई दिनों से फरार चल रहा था। आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि वीआईपी रोड पर बीते 8 फरवरी को दोपहर के समय शिवम की लेम्बोर्गिनी कार से हादसा हो गया था। बुलेट और ऑटो में कार की टक्कर हुई थी, जिसमें चार लोग घायल हो गए थे। घायल मोहम्मद तौफीक ने ग्वालटोली थाने में तहरीर दी थी। वहीं पहली अर्जी शिवम की ओर से थी जिसमें कार से हादसा न होने और लोगों द्वारा शीशा तोड़ने की बात कहकर रिलीज करने की मांग की थी।
दूसरी अर्जी चालक मोहन एम की ओर से थी। इसमें कहा गया था कि वह स्थायी चालक है और घटना वाले दिन वही कार चला रहा था। केस दर्ज होने के बाद से ही वह सरेंडर करना चाहता था। इस मामले में एसीजेएम कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की थी। ग्वालटोली पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया कि मोहन का नाम जांच में नहीं आया है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने सरेंडर अर्जी को खारिज कर दिया था।इस मामले में अधिवक्ता धर्मेन्द्र कुमार ने अपना पक्ष रक्षा। उन्होंने कहा कि एसीजेएम-7 की कोर्ट से कार चालक का आत्मसमर्पण खारिज होने के फैसले के खिलाफ वह जिला जज कोर्ट में रिवीजन दाखिल करेंगे। चालक खुद बता रहा है कि हादसे के समय वह कार चला रहा था। शिवम की कार रिलीज अर्जी पर भी कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस ने रिपोर्ट में कहा कि लेम्बोर्गिनी कार से अपराध कारित किया गया है। इस मामले में चालक शिवम कुमार मिश्रा का नाम सामने आया है। आरोपी की ओर से कार से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। पुलिस की इस रिपोर्ट पर कोर्ट ने शिवम को आदेश दिया कि वह कार से संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराए। वहीं थाना प्रभारी को 13 फरवरी तक कार का परीक्षण कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था।
वहीं इस मामले में समझौता पत्र भी दाखिल हुआ। वादी मोहम्मद तौफीक ने कहा कि हादसे में बाएं पैर में चोट आई थी, जिसका इलाज करा दिया गया है। अब उसे किसी तरह की कोई शिकायत नहीं है। मोहम्मद तौफीक चमनगंज के घोसियाना में रहता है और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करता है।





