जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। भारत के खतरनाक पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लांचर सिस्टम की मारक क्षमता में जबर्दस्त इजाफा होने वाला है। इसका नया रुप पिनाका एमके-4 बनाया जाएगा। 370 मिमी एक्सटेंडेड लांग रेंज गाइडेड रॉकेट की मारक क्षमता 300 किलोमीटर की जाएगी। बॉर्डर से इसकी जद में पूरा पाकिस्तान आ चुका है।
सेना की ताकत बढ़ाने के लिए प्रयोग
भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए एक ऐसा रॉकेट सिस्टम तैयार करने की योजना सामने आई है। यह दुश्मन की सीमा के काफी अंदर तक निशाना साध सकेगा। इसका नाम पिनाका एमके-4 बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पिनाका एमके-4 को 300 किलोमीटर तक की रेंज वाले गाइडेड रॉकेट सिस्टम के रूप में विकसित करने की योजना सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें 370 मिलीमीटर व्यास वाला रॉकेट मोटर इस्तेमाल किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार 2028 से विकास और परीक्षणों की शुरूआत होगी। 2030 तक उत्पादन और सेना में शामिल करने का लक्ष्य बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना दूर बैठे दुश्मन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता हासिल कर सकती है। इसकी मदद से कमांड सेंटर, हथियारों के भंडार और सैन्य सप्लाई नेटवर्क जैसे अहम ठिकानों पर हमला करने की क्षमता बढ़ सकती है। इसे भारतीय रॉकेट आर्टिलरी की ताकत में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
नेविगेशन सिस्टम की मारक क्षमता
पहले के पिनाका वर्जनों में इस्तेमाल होने वाले 214 मिमी रॉकेट की तुलना में यह डिजाइन काफी चौड़ा है। इससे ज्यादा ईंधन और भारी पेलोड ले जाने की संभावना बढ़ जाती है। सटीक नेविगेशन सिस्टम भी जोड़ा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार बढ़ी हुई मारक क्षमता के बाद इसकी जद में लाहौर, सियालकोट, गुजरांवाला जैसे शहर और आसपास के सैन्य कमांड सेंटर आ जाएंगे। इसके अलावा पाकिस्तान के रसद केंद्र, हवाई अड्डे तथा वायु रक्षा व्यवस्थाएं इसकी पहुंच में आ जाएगी। सैन्य विश्लेषकों के अनुसार यह क्षमता पाकिस्तान के सैन्य योजनाकारों के लिए चुनौती पैदा करेगी। उनको अपने क्षेत्रों को भारत की मारक क्षमता से सुरक्षित रखना पहले से ज्यादा कठिन हो जाएगा। बता दें कि छोटी रेंज वाले पिनाका वर्जनों और प्रलय मिसाइल के साथ मिलाकर भारतीय सेना को लेयर्ड डीप स्ट्राइक क्षमता प्रदान करेगा। इसक काम के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ और संबंधित एजेंसियां इस परियोजना पर काम कर रही हैं। सफल परीक्षणों के बाद इसे जल्द से जल्द सेना में शामिल करने की कोशिश की जाएगी।
44 सेकंड में दागे 12 रॉकेट
बता दें कि पिनाका सिस्टम पहले से ही कई आॅपरेशनों में अपनी उपयोगिता साबित कर चुका है। यह लॉन्चर मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दाग सकता है। छह लॉन्चरों की एक बैटरी 1 मिनट से भी कम समय में 72 रॉकेट दागकर दुश्मन के बड़े इलाके को तबाह कर सकती है। अपग्रेडेड और गाइडेड वेरिएंट को शामिल करने के बाद इसकी रेंज 75 से 90 किलोमीटर तक है। हालिया परीक्षणों में लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट की रेंज 120 किलोमीटर तक जांची गई है। इसका पहली बार कारगिल युद्ध 1999 में बेहतरीन इस्तेमाल किया गया था।





