जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। एक ओर जहां चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। वहीं दूसरी ओर भूटान में लेक फटने से असम-बंगाल के गांवों तक हड़कंप मच गया है। हालात यह रहे कि रातभर घरों को खाली करने की मुनादी होती रही। चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में 5 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 31 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। एनडीआरएफ के महानिरीक्षक आईजी नरेन्द्र सिंह बुंदेला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा की आपदा राहत एवं बचाव टीमें बारिश से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही हैं। दोनों राज्यों और आसपास के इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है। चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश का उत्तरी हिस्सा और ओडिशा का दक्षिणी हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। दोनों राज्यों के कुछ जिलों में तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है। वहां पेड़ उखड़ गए हैं। बुंदेला ने कहा कि शुरूआती रिपोर्ट के अनुसार ओडिशा में चक्रवात का कोई गंभीर असर नहीं पड़ा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना तथा पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में एनडीआरएफ की कुल 39 टीम तैनात की गई हैं।
सीएम ने की समीक्षा
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया कि गिरे हुए पेड़ों के कारण अवरुद्ध हुई सड़कों को दो घंटे के भीतर साफ करें। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात बाधित कर रहे पेड़ों को तत्काल हटाएं। उन्होंने तेज हवाएं थमने के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के भी निर्देश दिए। नायडू ने चक्रवात राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खेतों में पानी भरने से रोकने, बागवानी फसलों की सुरक्षा करने और तालाबों तथा नहरों के तटबंध टूटने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री अमित शाह के साथ बातचीत में जानकारी दी कि चक्रवात के कारण राज्य भर में 70,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कृषि फसलें जलमग्न हो गई हैं। 10,500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा घरों, सड़कों और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है।
अर्नब तूफान का असर
बंगाल की खाड़ी से चले अर्नब तूफान का असर कई राज्यों में पहुंच चुका है। छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना तथा पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में बारिश हो रही है। इसके अलावा यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश दिल्ली समेत कई राज्यों में बृहस्पतिवार से शुरू हुई बारिश आज भी जारी है। दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से लोगों की जाम की समस्या से जूझना पड़ा। काशी से लेकर अयोध्या, गोरखपुर से लेकर मेरठ तक इसका असर दिख रहा है। जहां, काशी, अयोध्या और गोरखपुर में हल्की बारिश की शुरूआत हुई है। वहीं, पश्चिम यूपी के मेरठ में सुबह ही धुंध और ठंड से हुई। इसी के बाद ठंडी हवाएं भी चलने लगी हैं। बता दें कि मौसम विभाग के पूवार्नुमान के अनुसार गुरुवार एवं शुक्रवार को आंधी-पानी के साथ वज्रपात की चेतावनी दी थी। मौसम विभाग का कहना था कि 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेंगी और तेज वर्षा होगी।
ग्लेशियर झील फटने के बाद तबाही
दूसरी ओर नेपाल के बाद भारत के एक और पड़ोसी मुल्क भूटान में ग्लेशियर झील फटने के बाद वहां बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। बृहस्पतिवार की देर रात गासा जिले में शिंताफू झील में यह ग्लेशियर फटा। अब झील का पानी तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाढ़ के पानी की वजह से पुनाखा में सोलर इरिगेशन लिफ्टिंग सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। इसने काम करना ही बंद कर दिया है। फ्लैश फ्लड की वजह से बहकर आया मलबा जोमलिंगथांग इलाके में पुनाखा-गासा हाईवे तक पहुंच गया। जिसकी वजह से इस पर आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके साथ ही भारत के कुछ राज्यों में चिंता बढ़ गई है। इस घटना के बाद असम और पश्चिम बंगाल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बंगाल से तो 15 हजार से अधिक लोगों को खतरे वाली जगह से शिफ्ट भी कर दिया गया है। पश्चिम बंगाल के 5 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है जो संकोश नदी के किनारे पर बसे हैं। अधिकारियों ने संभावना जताई है कि संकोश नदी में पानी का लेवल बढ़ सकता है। बाढ़ का पानी अभी इन इलाकों से करीब 50 से 60 किलोमीटर दूर है, लेकिन नीचे की ओर बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। भारत की ओर से जारी विशेष एडवाइजरी में बताया गया है कि बाढ़ के कारण पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। एडवाइजरी में आशंका जताई गई थी कि बाढ़ का पानी घटना के 6 से 8 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।





