रांची, एजेंसी। झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा की उपस्थिति में बृहस्पतिवार को यहां पुलिस के समक्ष कुल 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े उग्रवादियों ने झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित अन्य इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हथियार डाल दिए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, विभिन्न मामलों में वांछित 27 माओवादियों ने 'आॅपरेशन नवजीवन' के तहत पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। 2026 में कुल 22 माओवादी मारे गए, 44 गिरफ्तार किए गए और 29 ने आत्मसमर्पण किया। हम शेष बचे कुछ माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हैं। मिश्रा ने कहा कि राज्य में उग्रवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को आत्मसमर्पण करने वाले 27 माओवादियों का पुनर्वास किया जाएगा। सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने कहा, जिन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया है, हम उन लोगों से अपील करते हैं कि वे हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में आ जाएं। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी भाकपा (माओवादी) के अंतिम सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के गुट के हैं। बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम है और वह सारंडा और कोल्हान क्षेत्रों में सक्रिय है। पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में 123 मामलों में वांछित 'उप क्षेत्रीय कमांडर' सागेन आंगारिया उर्फ डोकोल और जेजेएमपी के 'उप क्षेत्रीय कमांडर' सचिन बेग शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सारंडा क्षेत्र में लगभग 21 नए एडवांस्ड कैंप लोकेशन (एसीएल) और फॉरवर्ड आॅपरेटिंग बेस (एफओबी) स्थापित किए गए हैं।
रांची में 27 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया
21-May-2026





