हंगामेदार होगा संसद सत्र, कई अहम विधेयक पारित कराएगी सरकार

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस बार यह सत्र बेहद खास होने वाला है। मानसून के इस मौसम में राजधानी में चाहे बादल गरजे या न गरजे लेकिन संसद में जमकर गदर मचेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि सरकार एक देश एक चुनाव और परिसीमन जैसे कई महत्वपूर्ण बिल लाने जा रही है।
20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र 

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के आगामी मानसून सत्र 2026 को बुलाने की औपचारिक मंजूरी दी है।  इस सत्र के दौरान कुल 25 दिनों की अवधि में सरकार और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं। इस बार सरकार कई एतिहासिक और बड़े बदलावों से जुड़े विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिससे संसद के अंदर जबरदस्त सियासी गदर मचना तय है। इस सत्र में सरकार सबसे बड़ा सियासी दांव देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लगाने जा रही है। चर्चा है कि इस बार विवादास्पद परिसीमन विधेयक को संसद के पटल पर रखा जा सकता है। इसके अलावा  महिला आरक्षण अधिनियम संशोधन विधेयक और 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक को भी दोबारा सदन में पेश करने की प्रबल संभावना है। इस कानून का मुख्य मकसद संसद और राज्यों की विधानसाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत कोटा सुरक्षित करना है। इसके अलावा इस सत्र का सबसे धमाकेदार और संवेदनशील मुद्दा 130वां संशोधन विधेयक होने जा रहा है।  इस विधेयक के अनुसार कोई भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री जेल में रहते हुए पद पर नहीं रह सकेगा। गिरफ्तारी के 30 दिनों के भीतर जमानत न मिलने पर, 31वें दिन उसका पद अपने आप खत्म मान लिया जाएगा। यह कानून पास होने के बाद सलाखों के पीछे से सरकार चलाने की कोशिशों पर हमेशा के लिए लगाम लग जाएगी।  सरकार इस सत्र में एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक को भी मजबूती से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इस बड़े बदलाव के लिए संविधान के कई महत्वपूर्ण अनुच्छेदों में संशोधन की जरूरत पड़ेगी, ताकि लोकसभा और देश के सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकें। इस प्रस्ताव पर पहले से ही देश के तमाम राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक जंग छिड़ी हुई है, जो इस सत्र में और तेज होगी। इसके अलावा सरकार अन्या महत्वपूर्ण विधेयकों को भी इस सत्र में पास कराने की तैयारी में है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या में बढ़ोतरी, उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान जैसे कई विधेयक शामिल हैं। दूसरी ओर विपक्षी भी संसद सत्र से पहले 16 जुलाई यानी कल 19 दलों के साथ बड़ी बैठक करने जा रही है। बैठक में पार्टी सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहेगा। सत्र में विपक्ष को पेपर लीक और परीक्षा विवाद, विपक्षी दलों में तोड़-फोड़ और राम मंदिर चंदा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
एक देश-एक चुनाव पर चर्चा

एक देश-एक चुनाव संबंधी विधेयकों पर गठित संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2029 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे। सिविल सोसाइटी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के पक्ष में हैं। बता दें कि पीपी चौधरी की अगुवाई में जेपीसी गोवा पहुंची थी। यहां उन्होंने कहा कि अगर यह प्रक्रिया देश में लागू हुई तो बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाले अनुमानित 7 लाख करोड़ के आर्थिक नुकसान को रोका जा सकेगा।  
संसद में सख्या बल अहम


अब सबसे अहम सवाल यह है कि इन विधेयकों पारित कराने के लिए संसद में सख्या बल कहां से आएगा। ऐसे में सरकार ने इसके लिए खास रणनीति तैयार की है।  इसके लिए सरकार ने विपक्षी दलों की तीन श्रेणियां बनाई हैं। हाल ही में इंडिया गठबंधन से नाता तोड़ने वाली द्रमुक के अलावा एनसीपी (एसपी), जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस से विधेयक को प्रत्यक्ष समर्थन करने पर बातचीत का दौर जारी है। टीएमसी के बागी गुट के 20 सांसद का एनसीपीआई में विलय के बाद यह संख्या सरकार के साथ दिखेगी। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद सरकार को 28 मतों का और जुगाड़ करना होगा। वहीं द्रमुक के 22, एनसीपी (एसपी) के 8 और वाईएसआर कांग्रेस के 4 सांसदों ने विधेयक का समर्थन किया तो सरकार की परेशानी दूर हो जाएगी। बता दें कि मोदी सरकार ने यूपीपीएल और जेडपीएम के 4 सांसदों को पहले ही साध लिया है। इस पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा एनसीपी (एसपी) और द्रमुक का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दोनों दलों से इन विधेयक का विरोध करने की अपील की