पृथ्वी पर आ रहा बड़ा सिग्नल, एलियन का हो सकता है संदेश

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। खगोलविदों ने पहली बार सौरमंडल के बाहर मौजूद किसी ग्रह से सीधे आ रहे रेडियो सिग्नल को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिग्नल पृथ्वी से करीब 64 प्रकाश वर्ष दूर मौजूद बीटा पिक्टोरिस बी नामक एक विशाल ग्रह से आ रहा है। कई लोगों ने इसे एलियन का संदेश बताया है। वहीं वैज्ञानिक इस सिग्नल को दूसरी पृथ्वी से भी जोड़कर देख रहे हैं।
हमारा ब्रह्मांड रहस्यों का घर 

हमारा ब्रह्मांड रहस्यों का घर है। इसके बारे में जितनी खोज की जाए उतनी कम पड़ जाती है। अब अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने ऐतिहासिक खोज की है। इस शोध ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों के बीच नई बहस छेड़ दी है। खगोलविदों ने पहली बार हमारे सौरमंडल के बाहर मौजूद एक रहस्यमयी ग्रह से सीधे आने वाले रेडियो सिग्नल को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। यह सिग्नल पृथ्वी से करीब 63 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक ग्रह से आ रहा है। इस खोज के बाद से ही वैज्ञानिकों के मन में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर उस अंजान ग्रह पर ऐसा क्या है, जो वहां से लगातार रेडियो तरंगे निकल रही है। हार्वर्ड और स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रॉफिजिक्स के वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में स्थित बेहद शक्तिशाली मीरकैट रेडियो टेलीस्कोप की मदद से इस सिग्नल को रिकॉर्ड किया है। अंतरिक्ष में जिस जगह से यह आवाज आ रही है, उस ग्रह का नाम बीटा पिक्टोरिस बी रखा गया है। यह एक एक्सोप्लैनेट यानी हमारे सौरमंडल से बाहर किसी दूसरे तारे के चक्कर लगाने वाला ग्रह है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह ग्रह आकार में बेहद विशाल है। इसके अलावा इसका द्रव्यमान हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति से भी लगभग 11 गुना ज्यादा है।
नए शोध ने वैज्ञानिकों में जगी उम्मीद

इस नए शोध ने वैज्ञानिकों के भीतर पृथ्वी के बाहर जीवन की संभावना वाले गृह को लेकर नई उम्मीद जगा दी है। बता दें कि अभी तक पृथ्वी के बाहर किसी और जीवन का कोई सबूत नहीं मिला है लेकिन वैज्ञानिक लगातार ऐसे संकेतों की तलाश में हैं, जिनसे पता चल सके कि ब्रह्मांड में हम अकेले नहीं हैं। यह नई खोज इस दिशा में नए रास्ते खोल सकती है। कई लोग इस सिग्नल को एलियंस से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं शोध कर रही वैज्ञानिकों की अंतरराष्ट्रीय टीम ने इससे इनकार कर दिया है। उनके अनुसार यह एलियंस का संपर्क करने का प्रयास नहीं है। बता दें कि इससे पहले भी ग्रहों वाले सिस्टम में रेडियो सिग्नल का पता चला था। उस समय वैज्ञानिक यह पक्के तौर पर नहीं कह पा रहे थे कि सिग्नल किन ग्रहों से आ रहे हैं। इस बार यह पक्का हो गया है कि यह सिग्नल बीटा पिक्टोरिस बी से ही आ रहे हैं।
महत्वपूर्ण है अध्ययन 

यह अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भ्विष्य में ऐसी और भी खोजों का रास्ता खुल जाएगा। टेलीस्कोप ऐरे का ध्यान बीटा पिक्टोरिस तारे पर था, जो 63.4 प्रकाश-वर्ष दूर है और जिसके चारों ओर तीन ज्ञात ग्रह हैं। शोधकर्ताओं ने अनुमान जताया है कि इस ग्रह का मैग्नेटिक फील्ड बहुत मजबूत है। यह पृथ्वी के मुकाबले हजारों गुना ज्यादा मजबूत है। बता दें कि बीटा पिक्टोरिस बी कोई साधारण ग्रह नहीं, बल्कि हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति से भी 10 गुना ज्यादा भारी है। यह ग्रह अपने केंद्र पर इतनी तेजी से चक्कर लगाता है कि इसका एक दिन महज 8 से 9 घंटे में ही खत्म हो जाता है। रिसर्चर्स के एनालिसिस से सामने आया है कि इस ग्रह का मैग्नेटिक फील्ड 1250 गॉस से भी ज्यादा मजबूत है। यह ताकतवर मैग्नेटिक फील्ड पृथ्वी की चुंबकीय क्षमता से हजारों गुना ज्यादा है। इस खोज ने दूसरे सौरमंडलों के ग्रहों को समझने का एक नया दरवाजा खोल दिया है। वैज्ञानिकों की नजर अब पास के पांच स्टार सिस्टम्स में मौजूद सात दूसरे विशाल ग्रहों पर टिक गई है।