क्या अचेत अवस्था में हैं मोजतबा खामेनेई ?

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
नोएडा। अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने जुबानी जंग का रूप ले लिया है। डोनाल्ड ट्रंप का कभी जीत का दावा तो कभी एजेंसियों का सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के कोमा में जाने की बात कही जा रही है। खबरें यहां तक ही सीमित नहीं बल्कि उनकी कब्र खुदने तक की जानकारी आ रही है। ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की और न ही उनके घायल या फिर इलाज की बात कही है।


गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान में जारी युद्ध में मिसाइलों से कहीं ज्यादा जुबानी जंग का असर दिखाई दे रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान अपनी जीत का दावा कर दिया था। वे यहीं नहीं रुके उन्होंने तो होर्मुज में टोल वसूलने तक की बात कह डाली। उनका कहना है कि अमेरिका युद्ध जीत चुका है। सोचनीय पहलू यह है कि अगर वह जंग जीत चुका है तो अभी तक होर्मुज या फिर ईरान पर कब्जा क्यों नहीं कर लिया। 
जबकि, सच्चाई तो यह है कि बीते दिनों अमेरिका ने अपने दो पायलटों को बचाने के लिए ऐड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा दिया। अमेरिका ने अपने सबसे अत्याधुनिक विमानों और जवानों का प्रयोग कर किसी तरह से घायलावस्था में अपने दो पायलट बाहर निकाले। इस मिशन में उसने अपने खरबों रुपये के जंगी जहाजों को गवां दिया। 


अब उनकी एजेंसियों की इस खबर को कैसे सही ठहरा दिया जाए कि मोजतबा खामेनेई अचेत अवस्था में हैं। उन्हें लकबा मार गया है और यहां तक कि उनकी कब्र खुदने तक की बात कही जा रही है। हालांकि, यह बात तो सत्य है कि अयातुल्लाह खामेनेई के मरने के बाद उन्हें सर्वोच्च नेता घोषित किया तो गया लेकिन उसके बाद वह न तो कभी दिखाई दिए और न ही उनका कोई बयान सामने आया है।
एजेंसियों के दावों को अगर सही समझा जाए तो यह हो सकता है कि इजरायल के हमले में खामेनेई के मरने के समय मोजतबा गंभीर रूप से घायल हो गए हों और उनका तब से ही इलाज चल रहा हो। हालांकि, इसकी ईरान ने कभी पुष्टि नहीं की यहां तक कि वे कहां है इस बारे में कोई भी जानकारी तक नहीं दी। 


खैर, अमेरिका-ईरान युद्ध ने तामम देशों में संकट पैदा कर दिया है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने से तेल और गैस संकट बहुत ही ज्यादा गहरा गया है। इससे भारत सहित तमाम देश बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। भारत में थोड़ी परेशानी ही सही लेकिन गैस व तेल लोगों को आसानी से मुहैया कराया जा रहा है। तेल की फिलहाल हो समस्या नहीं है लेकिन एलपीजी गैस की समस्या ने उन लोगों को ज्यादा परेशान कर दिया जिनके कनेक्शन नहीं थे और वे छोटे-सिलेंडरों में दुकानदारों से अवैध रूप से गैस भरवाते थे।