वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका की सेना ने कहा है कि उसने दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के लिए हमले किए जिनमें मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं पर हमले शामिल हैं। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर जारी वार्ता के संबंध में सोशल मीडिया पर कहा कि बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है। यूएस सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने एक बयान में कहा कि ये हमले ह्यह्यईरानी बलों द्वारा उत्पन्न खतरों से हमारे सैनिकों की रक्षा के लिए आत्मरक्षा में किए गए थे लेकिन सेना जारी युद्धविराम के दौरान संयम बरत रही है। इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि ईरान युद्ध को समाप्त करने वाले किसी भी समझौते में यह शर्त शामिल होनी चाहिए कि सऊदी अरब और पाकिस्तान सहित कई अन्य देश अब्राहम समझौते में शामिल हों। अब्राहम समझौते अमेरिका की मध्यस्थता से ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुए थे, जिनका उद्देश्य इजराइल के साथ संबंधों को सामान्य बनाना था।
वार्ता में नयी राजनयिक जटिलताएं
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ संभावित समझौते को ट्रंप के उन साथी रिपब्लिकन सांसदों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है जो ईरान के प्रति कठोर रुख अपनाने के पक्षधर हैं और इससे वार्ता में नयी राजनयिक जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने लिखा, अमेरिका की ओर से इस बेहद जटिल पहेली को सुलझाने के लिए किए गए सभी प्रयासों के बाद, इन सभी देशों के लिए यह अनिवार्य होना चाहिए कि वे अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करें।





