अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें संस्थान : डीएम, 15 दिनों के अंदर लें एनओसी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
नोएडा। आगजनी से संबंधित घटनाओं को लेकर जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों, निजी अस्पतालों, होटल, रेस्टोरेंट, पीजी, हॉस्टल, लाइब्रेरी एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में विभिन्न संस्थानों के संचालकों एवं प्रबंधकों के साथ संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।


जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संस्थानों को भवन बायोलॉज, अग्नि सुरक्षा मानकों तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पूर्ण अनुपालन करना अनिवार्य है। इसके लिए आवश्यक अनुमति, अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं पंजीकरण समयबद्ध रूप से प्राप्त करना होगा। बिना वैधानिक स्वीकृतियों के किसी भी संस्थान का संचालन किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों द्वारा बैठक में एनओसी, पंजीकरण एवं अन्य अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। संस्थानों के संचालकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संस्थान भवन निर्माण संबंधी मानकों, सुरक्षा प्रावधानों एवं बिल्डिंग बायलॉज का पूर्ण अनुपालन किया जाए। 
जिलाधिकारी ने सभी प्रतिष्ठानों में सुरक्षित एवं सुगम प्रवेश-निकास व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां बायोमेट्रिक अथवा इलेक्ट्रॉनिक प्रवेश द्वार स्थापित हैं, वहां संबंधित कर्मचारी की अनिवार्य तैनाती की जाए। यदि किसी समय संबंधित कर्मचारी उपलब्ध न हो तो आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए एग्जिट गेट हर समय खुला रखा जाना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में बेसमेंट में कोचिंग संस्थान, अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट अथवा अन्य सार्वजनिक अथवा व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन अनुमन्य नहीं है। यदि निरीक्षण के दौरान ऐसा पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने लिफ्ट अधिनियम का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन संस्थानों में लिफ्ट संचालित है, वहां उसका विधिवत पंजीकरण, नियमित सुरक्षा परीक्षण तथा वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध अनिवार्य रूप से कराया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।


उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संस्थान नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा संबंधी मॉक ड्रिल आयोजित करें तथा प्रत्येक सप्ताह सभी शिफ्टों में कार्यरत कर्मचारियों की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करें। प्रत्येक कर्मचारी को आपातकालीन स्थिति में बचाव एवं सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संचालकों को निर्देशित किया कि 15 दिवस के भीतर सभी आवश्यक पंजीकरण, एनओसी एवं अन्य वैधानिक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली जाएं। यदि निर्धारित अवधि के बाद भी किसी संस्थान द्वारा नियमों का अनुपालन नहीं किया जाता है तो उसके विरुद्ध सीलिंग सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।