यूपी पुलिस को सर्वश्रेष्ठ बनाने की पहल, समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने दिए खास निर्देश

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है। आधुनिक तकनीक, संवेदनशील व्यवहार, संवाद कौशल, साइबर अपराधों की समझ और फॉरेंसिक दक्षता प्रभावी पुलिसिंग की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह परिणामोन्मुख, व्यावहारिक, तकनीक आधारित और समयानुकूल बनाया जाए ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस दक्षता, अनुशासन, संवेदनशीलता और जनविश्वास के मानकों पर देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल के रूप में स्थापित हो सके।


सीएम योगी ने कहा कि प्रशिक्षण व्यवस्था में गुणवत्ता, एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा पुलिसकर्मियों को संवाद कौशल, मानवीय व्यवहार और तनावपूर्ण परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाए।
मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत (आईजीओटी) पोर्टल पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 27 मई 2026 तक 3,90,799 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं तथा 59,02,703 कोर्स पूर्ण किए जा चुके हैं।
2 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित साधना सप्ताह में उत्तर प्रदेश पुलिस ने देश की समस्त राज्य पुलिस एवं केंद्रीय पुलिस बलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने अकेले 28 लाख से अधिक कोर्स पूर्ण किए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोल आधारित आॅनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शीघ्रता से विकसित किया जाए। प्रशिक्षण में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया जा रहा है। इसके तहत ड्रोन प्रशिक्षण, साइबर फॉरेंसिक लैब, फॉरेंसिक लैब, ड्राइविंग सिम्युलेटर और फायरिंग सिम्युलेटर जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से अतिथि विशेषज्ञों द्वारा आॅनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।