हीर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका ने तैयार किया खतरनाक प्लान, ईरान के साथ वार्ता की उम्मीद नहीं

जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। आज सुबह ईरान के विदेश मंत्रालय के बयान ने दुनियाभर में हलचल पैदा कर दी है। आज विदेश मंत्री अब्बास अराघची के इस्लामाबाद दौरे के दौरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत तय नहीं है। इससे माना जा रहा है कि ईरान-अमेरिका का रुख बदल चुका है। हीर्मुज स्ट्रेट अब अमेरिका ने खतरनाक प्लान तैयार किया है। इससे इस क्षेत्र में एक बार फिर भयानक युद्ध शुरू होने वाला है।
ईरान के विदेश मंत्रालय का बयान

ईरान के विदेश मंत्रालय ने आज बड़ा बयान जारी किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखी है। जिसमें कहा गया है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद दौरे पर है। इस दौरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत तय नहीं है। यह आधिकारिक यात्रा पर हैं। अराघची पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, जो क्षेत्र में शांति बहाल करने और अमेरिकी आक्रामकता को खत्म करने के प्रयासों का हिस्सा है। ईरान और अमेरिका के बीच किसी बैठक की कोई योजना नहीं है और ईरान अपनी बात पाकिस्तान के जरिये पहुंचाएगा। बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचे। इससे तेहरान और वाशिंगटन के बीच संभावित बातचीत की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं। अपने दौरे के दौरान अराघची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात कर सकते हैं। इस यात्रा में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई भी उनके साथ हैं।
तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर 

दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल के बाद से कोई सीधा संघर्ष नहीं हुआ है। पिछले दिनों जब दो हफ्ते का संघर्षविराम खत्म हुआ, तो तमाम धमकियों के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने इसे और आगे खिसका दिया। इससे लगा कि तनाव के बावजूद दोनों पक्ष शांति चाहते हैं। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने आदेश दिया है कि अगर कोई ईरानी नाव होर्मुज में बारूदी सुरंग बिछाती मिलती है, तो उसे देखते ही उड़ा दिया जाए। इससे पहले ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि उनके सैनिक होर्मुज के पास गुफाओं में तैयार बैठे हैं। इन बयानों से जाहिर है कि दोनों ही पक्ष एक-दूसरे को उकसा रहे हैं। 
अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा 

अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद अमेरिकी सेना के अधिकारी नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। अगर ईरान के साथ मौजूदा संघर्ष-विराम टूट जाता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की क्षमताओं को निशाना बनाया जा सके। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कई तरह के प्लान पर विचार किए जा रहे हैं। जिनमें एक विकल्प ये है कि होर्मुज स्ट्रेट, दक्षिणी अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के आसपास ईरान की क्षमताओं पर टारगेटेड हमले किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पता चला है कि इन संभावित हमलों में छोटी, तेज गति वाली हमलावर नौकाओं, बारूदी सुरंगें बिछाने वाले जहाजों और अन्य ऐसे असममित संसाधनों को निशाना बनाया जा सकता है। बता दें कि होर्मुज से इस समय आवाजाही बिल्कुल ही बंद है। अमेरिकी नौसेना ने तेहरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, और बदले में ईरान भी किसी जहाज को खाड़ी पार करने नहीं दे रहा। इस तरह की स्थिति तब भी नहीं बनी थी, जब जंग चल रही थी। उस दरम्यान बीच-बीच में कुछ जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत मिल गई थी। देखा  जाए तो अमेरिका और ईरान एक-दूसरे के हद की परीक्षा ले रहे हैं और इसकी कीमत दुनिया को चुकानी पड़ रही है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि उसकी नाकेबंदी की वजह से तेहरान को हर दिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है। आर्थिक दबाव बनाकर ट्रंप अपनी शर्तों पर ईरान को बातचीत की मेज पर लाना चाहते हैं।