भारत की राष्ट्रीय सब्जी कौन सी है? फायदे जान कर आप भी हो जाऐंगे हैरान

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली:  हमारे देश में कई तरह की सब्जियां पाई जाती है। गर्मियों के मौसम में बाजार में भिंडी, परवल, कद्दू जैसी सब्जियां मिलती है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि भारत की राष्ट्रीय सब्जी कौन सी है। भारत की राष्ट्रीय सब्जी कद्दू है। कद्दू का नाम सुनते ही कई लोग मुंह बनाने लगते हैं।  लेकिन कद्दू हमारी संस्कृति, खानपान और परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। ये पोषण से भरपब सब्जी है। इसी वजह से इसे राष्ट्रीय सब्जी घोषित किया गया है। ऐसे में चलिए जानते हैं इसके क्या क्या फायदे हैं। 

1. आंखों की रोशनी के लिए
कद्दू में बीटा-कैरोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जिसे हमारा शरीर विटामिन A में बदल देता है। यह आंखों के रेटिना को स्वस्थ रखने और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं के खतरे को कम करने में मदद करता है।

2. वजन घटाने में मददगार 
अगर आप डाइट पर हैं, तो कद्दू एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट देर तक भरा महसूस होता है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है। नियमित तौर पर इसका सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। 

3. इम्युनिटी के लिए
कद्दू विटामिन सी और विटामिन ई का अच्छा स्रोत है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे आप सर्दी-खांसी और संक्रमण से बचे रहते हैं।

4. दिल की सेहत के लिए
कद्दू में मौजूद पोटेशियम, फाइबर और विटामिन सी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स 'खराब कोलेस्ट्रॉल' को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

5. ग्लोइंग स्किन
कद्दू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन त्वचा को सूरज की हानिकारक UV किरणों से बचाते हैं और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं।

6. पाचन में सुधार
कद्दू में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को सुचारू रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।

परंपरा और धार्मिक महत्व 
कद्दू सिर्फ खाने में ही नहीं, बल्कि परंपराओं और धार्मिक आयोजनों में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पूजा पाठ और त्योहारों पर इसे शुभ फल माना जाता है। कई जगहों पर हवन या बलि के समय कद्दू अर्पित करने की परंपरा भी रही है। इसके अलावा कद्दू की एक खासियत ये है कि इसे लंबे समय तक प्रिजर्व रखा जा सकता है। पुराने समय में जब फ्रिज नहीं हुआ करता था, तब लोग कद्दू को स्टोर करके महीनों तक इस्तेमाल करते थे।