वर्ल्ड हैपियस्ट रिपोर्ट 2026 की लिस्ट में ये हैं सबसे सुखी और दु:खी देश

जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। वर्ल्ड हैपियस्ट रिपोर्ट 2026 में दुनिया के सबसे सुखी और सबसे दुखी देश की लिस्ट सार्वजनिक हो चुकी है। इस लिस्ट में कुछ देश ऐसे हैं जहां इंसान हर हाल में बसना चाहता है। वहीं कुछ देश ऐसे हैं जहां रहना नर्क के समान है। 
सबसे सुखी देशों के नाम


सबसे पहले हम दुनिया के सबसे सुखी देशों की बात करते हैं। वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 में फिनलैंड लगातार 9वीं बार दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना है। फिनलैंड के बाद क्रमश: आइसलैंड, डेनमार्क, कोस्टा रिका का नाम आता है। इसके बाद स्वीडन, नॉर्वे, नीदरलैंड, इजरायल, लग्समबर्ग और स्विट्जरलैंड का नाम है। बता दें कि वर्ल्ड हैप्पीनेस 2026 की इंडेक्स में 147 देशों को शामिल किया गया है। भारत की बात करें तो यह 116वें स्थान पर है। साल 2025 में 118वें स्थान पर था। यानी भारत दो पायदान ऊपर आया है।
अफगानिस्तान सबसे दुखी देश

 

वर्ल्ड हैपियस्ट रिपोर्ट 2026 में दुनिया के सबसे दुखी देशों की लिस्ट भी सार्वजनिक हुई है। इस लिस्ट में निचले स्तर पर मौजूद देशों में अधिकतर वे हैं, जो लंबे समय से युद्ध, राजनीतिक उठापठक, सशस्त्र संघर्ष जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। इस लिस्ट में अफगानिस्तान दुनिया का सबसे दुखी देश है। वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 में अफगानिस्तान का स्कोर सिर्फ 1.446 है। अफगानिस्तान में जमीनी स्तर पर जीवन बेहद मुश्किल बना हुआ है। यह उसके आर्थिक पतन, राजनीतिक अनिश्चितता और बुनियादी सेवाओं तक सीमित पहुंच से प्रभावित है। अफगानिस्तान दशकों से युद्धग्रस्त है। आज भी यहां कोई ऐसी सरकार नहीं है, जिसे वैश्विक मान्यता प्राप्त हो।
दूसरे स्थान पर सिएरा लियोन 

इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर सिएरा लियोन है। यह देश लंबे समय से गरीबी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शिक्षा के सीमित अवसर की मार झेल रहा है। यहां पर ये सारी काफी बड़ी चुनौतियां हैं। यही वजह है यह 146वें स्थान पर है। इसके बाद मलावी 145वें स्थान पर है। मलावी वर्तमान में गंभीर खाद्य असुरक्षा, हैजा के प्रकोप और चक्रवात फ्रेडी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण विकट मानवीय संकट का सामना कर रहा है। इस देश की आधी से अधिक आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है। रिपोर्ट में जिम्बाब्वे 144 वें स्थान पर है। जिम्बाब्वे वर्तमान में गंभीर आर्थिक बदहाली, अत्यधिक मुद्रास्फीति और सूखे जैसी जलवायु आपदाओं से जूझ रहा है। देश में महंगाई की दर बहुत अधिक है, जिससे लोगों के लिए बुनियादी वस्तुएं खरीदना मुश्किल हो गया है।
143वें स्थान पर है बोत्सवाना 


वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 में बोत्सवाना 143वें स्थान पर है। इस देश में अपराध, यौन हिंसा और खाद्य असुरक्षा चरम पर है। महिलाओं के खिलाफ अपराध रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। लगातार सूखे के कारण खाद्य असुरक्षा और पानी की कमी की गंभीर स्थिति बनी हुई है। बोत्सवाना में लिंग आधारित हिंसा, एचआईवी/एड्स के मरीजों की बढ़ती संख्या और राजनीतिक अस्थिरता हालात को और तेजी से बिगाड़ रहे हैं। रिपोर्ट में यमन 142वें स्थान पर है। यमन हूती विद्रोहियों का गढ़ है। जहां लंबे समय से जंग जारी है। आज भी इस देश के बड़े इलाके पर हूती विद्रोहियों का कब्जा है, जिसे दुनिया आतंकवादी संगठन मानती है। इस देश पर अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल समेत कई देश हमले करते रहते हैं। इसके अलावा यूएई और सऊदी अरब भी यमन में आमने-सामने हैं। रिपोर्ट में लेबनान को 141वें स्थान मिला है। यह देश भी लंबे समय से हिंसाग्रस्त है। लेबनान पर लंबे समय तक हिजबुल्ला का राज था। पिछले साल इजरायली हमलों में हिजबुल्ला के शीर्ष नेतृत्व के खात्मे के बावजूद यह देश आज भी जंग से जूझ रहा है। लेबनान पर इस समय भी इजरायली हमले जारी हैं, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हो चुके हैं।
140 वें स्थान पर है कांगो 

इसी तरह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक आॅफ कांगो 140 वें स्थान पर है। इस देश में पिछले तीन दशकों से भीषण हिंसा, अस्थिरता और मानवीय संकट जारी है। रिपोर्ट में मिस्र को 139वें स्थान मिला है। मिस्र वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। यहां मुद्रा का अवमूल्यन, उच्च मुद्रास्फीति और भारी विदेशी कर्ज ने हालात खराब कर दिए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण गेहूं की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं। मिस्र का राजस्व का एक बड़ा हिस्सा कर्ज के भुगतान में जा रहा है। रिपोर्ट में तंजानिया 138वें स्थान पर है। तंजानिया गंभीर राजनीतिक अस्थिरता, हिंसक विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित है।