जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के एक करोड़पति परिवार के चार लोगों की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। साउथ मलाका इलाके में घर के अंदर से तीन लोगों के शव बरामद हुए, लेकिन घर का बेटा गायब था। जांच तेज होती तब तक शाम को लापता बेटे का भी शव बरामद हो गया। पुलिस के अनुसार घर के मुखिया 70 साल के रविंद्र कुमार वैश्य, उनकी 65 साल की पत्नी अनीता और 45 साल की बेटी मीनाक्षी का शव मंगलवार को बरामद हुआ था, वहीं देर शाम लापता 40 साल के बेटे अभिषेक का भी शव मिल गया। पुलिस ने घर की तलाशी ली है। घर की दीवारों पर एक बोर्ड पर यह लिखा पाया गया कि बंटी बबली और बहू ने मारा है। दीवारों पर यह लिखे होने और परिवार के चारों सदस्यों के शव मिलने के बाद पुलिस अब आत्महत्या या हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। हालांकि, मृतकों के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने से हत्या मानकर ही पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।

बता दें कि अभिषेक का शव मृतक परिवार की 12-13 दुकानों में से एक दुकान के अंदर मिला है। वीरेन्द्र कुमार वैश्य के ही एक परिजन ने शव की शिनाख्त उनके बेटे अभिषेक के रूप में की है। हालांकि, अभिषेक का शव कई दिन पुराना लग रहा है और सड़कर फूल गया है। पुलिस ने बाकी तीनों के साथ उसके शव को भी पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस को शुरुआती जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य का दूसरा बेटा अश्विनी कौशांबी जेल में बंद है। फ्रॉड के पुराने मामले में वह सजा काट रहा है। पुलिस के अनुसार अश्विनी की शादी हुई थी जिसके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पुलिस की फील्ड यूनिट, डॉगे स्क्वायड और फोरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटा रही है और आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर के अनुसार शवों को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी भारी चीज से मारकर सभी की हत्या की गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर के अनुसार जेल में बंद अश्विनी और अभिषेक दोनों आपराधिक प्रवृत्ति के थे। दोनों की अपने पिता से भी अनबन चल रही थी। पुलिस के अनुसार घर और दुकान में जहां पर शव मिले हैं वहां पर बाहर से ताले लगे हुए थे।





