एफजेड1073 फ्लाइट में हुई घटना को लेकर बड़ा खुलासा, 9/11 जैसे हमले की ओर जांच की सुई

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। फ्लाईदुबई की एफजेड1073 फ्लाइट में हुई घटना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। को-पायलट हमाम अल-हमामी को अकेला आरोपी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां हमले के मकसद की खोज में लगी हैं। वहीं अब 9/11-शैली के आतंकी हमले के एंगल से भी जांच शुरू हो गई है।
नेतन्याहू ने मच्छार से की बात

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई एयरलाइन के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब 6 मिनट फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि आप भारत और इजराइल के लोगों के सच्चे हीरो हैं। आप पूरी दुनिया के हीरो हैं। उन्होंने स्मित को इजराइल आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि मैं आपको और अपने दोस्त पीएम मोदी को अगले स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की मशाल जलाने का न्योता देना चाहता हूं। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से पूछा कि फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था। स्मित ने बताया कि हमले से पहले को-पायलट ने नमाज करने की बात कही। इसके कुछ मिनट बाद उसने अचानक उन पर हमला कर दिया। इसी तरह क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने अबू धाबी दुबई के अस्पताल पहुंचकर कैप्टन स्मित का हालचाल जाना और उनका माथा चूमा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स  पर पोस्ट कर उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने साहस, जिम्मेदारी और इंसानियत की मिसाल पेश की है

फ्लाइट 1073 में हुई घटना 

 

अब फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 में हुई घटना को लेकर नई जानकारियां सामने आई है। मीडिया रिपोर्टोँ के अनुसार फ्लाइट में जो कुछ हुआ, उसकी शुरूआत कॉकपिट के अंदर नहीं हुई थी। हमाम अल-हम्मामी को हमले से रोकने के कई मौके थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमान, यूएई और इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था में अलग-अलग स्तर पर हुई चूक की वजह से वह उस फ्लाइट के कॉकपिट तक पहुंच सका।  सबसे पहले ओमान एयर ने उसकी आॅनलाइन गतिविधियों की जांच की थी। अधिकारियों ने पाया कि वह कट्टरपंथी विचारधारा में जरूरत से ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा था। इसके बाद उसे ओमान एयर की फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया। उसे डि-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम से गुजारा गया और बाद में डेस्क जॉब दे दी गई। ओमान ने हम्मामी को उड़ान से भले हटा दिया था लेकिन उसके बारे में उठी चिंताओं को दूसरे देशों या एयरलाइंस के साथ व्यापक तौर पर साझा नहीं किया गया। इसके कुछ समय बाद फरवरी 2026 में फ्लाईदुबई ने हम्मामी को नौकरी पर रख लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन ने उसकी पिछली नौकरी के बारे में ओमान एयर से संपर्क नहीं किया और न ही वहां सामने आई चिंताओं की जानकारी ली। 
कट्टरपंथी था को पायलट

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ओमान के कट्टरपंथी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी पर सिर्फ विमान हाईजैक करने की कोशिश का ही आरोप नहीं है। आशंका है कि वह 9/11 जैसी शैली में विमान को आतंकी हमले का हथियार बनाना चाहता था। इटली की कोरिएरे डेला सेरा की जांच में यह संभावना भी सामने आई कि जब यात्रियों ने उसके मंसूबे नाकाम कर दिए तो उसने विमान को सऊदी अरब के रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है और सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच में सबसे सनसनीखेज दावा यह है कि हमाम का कथित लक्ष्य विमान को बस क्रैश कराना नहीं था। वह विमान पर कब्जा करने के बाद उसे तेल अवीव तक सामान्य तरीके से ले जाना चाहता था और आखिरी समय में उसे किसी बड़े निशाने से टकरा सकता था। अजरीली टावर्स का नाम संभावित लक्ष्य के तौर पर सामने आया है। यही वजह है कि जांचकर्ता इस मामले को 9/11 जैसी विमान-आधारित आतंकी साजिश के एंगल से भी देख रहे हैं। रिपोर्टों में दावा है कि उसकी रणनीति आखिरी क्षण तक विमान को सामान्य दिखाने की थी, ताकि एयर ट्रैफिक कंट्रोल या सुरक्षा एजेंसियों को समय रहते शक न हो। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। रिपोर्टों के अनुसार हमाम हाल के महीनों में कई बार इजरायल और खास तौर पर बेन गुरियन एयरपोर्ट जा चुका था। जांचकर्ताओं की नजर अब उसकी उन यात्राओं पर भी है। दावा किया गया है कि उसने जून में इजरायल पहुंचकर संभावित हमले के लिए जानकारी जुटाई थी। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उसने जुलाई में हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन आखिरी वक्त पर इसे टाल दिया। आॅस्ट्रेलियाई आतंकवाद निरोधक अधिकारी भी हमाम के मेलबर्न में बिताए वर्षों की जांच कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वहां रहते हुए उसका किसी कट्टरपंथी नेटवर्क से संपर्क था। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसने कथित तौर पर कुछ कट्टरपंथी मस्जिदों का दौरा किया और चरमपंथी वेबसाइटों को देखा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इन गतिविधियों और फ्लाइट में हुई घटना के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं। जांचकर्ता उसके पुराने संपर्कों, यात्राओं और आॅनलाइन गतिविधियों को इसलिए देख रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि उसके कथित मंसूबे अचानक बने थे या लंबे समय से तैयारी चल रही थी।