बंट गई मिठाई, कर दिया सम्मान, बाद में पता चला फर्जी था उम्मीदवार, जानिए UPSC के फर्जी उम्मीदवारों की कहानी

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी सिविल सर्विसेज का परिणाम घोषित हो गया है। इस वर्ष का परीक्षा परिणाम होनहारों के साथ- साथ फर्जी उम्मीदवारों के कारण भी चर्चा का विषय बना हुआ है। परिणाम में इस वर्ष एक, दो नहीं पूरे पांच मामले फर्जी उम्मीदवारों के निकले है। इन उम्मीदवारों में बिहार के रंजीत, बिहार की आकंक्षा, यूपी की शिखा, मध्यप्रदेश के यशवर्धन और राजस्थान की प्रियंका चौधरी शामिल है। यूपीएससी सिविल सर्विस रिजल्ट जारी होने के बाद बिहार के शेखपुरा में एक युवक ने दावा किया कि उसने यूपीएससी परीक्षा पास की है जिसके बाद उसे बधाई देने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। रंजीत कुमार ने दावा किया कि उसकी 440 रैंक आई है। इसकी खबर मिलते ही पूर्व विधायक विजय यादव ने युवक को तुरंत सम्मानित भी कर दिया। इसके अलावा मुखिया और पुलिस ने भी युवक को सम्मानित किया। इस पूरे तामझाम पर हजारों रुपये खर्च किए गए। सम्मानित करने का ये पूरा कार्यक्रम होने के बाद अब पता चला है कि 440वीं रैंक कर्नाटक के एक अभ्यर्थी रंजीथ को मिली है और बिहार के रंजीत ने झूठा दावा किया था। अब वही पुलिस रंजीत की तलाश कर रही है जो कुछ दिन पहले उसे सम्मानित कर रही थी। फिलहाल उसका मोबाइल बंद है और वो फरार है। 

बिहार की आकांक्षा ने किया 301 रैंक पर दावा
बिहार से ही एक दूसरा मामला भी सामने आया। यहां की आकांक्षा सिंह नाम की एक महिला ने दावा किया कि उसे यूपीएससी में 301वीं रैंक मिली है. इसके बाद जश्न का माहौल भी बन गया हालांकि तभी यूपी के गाजीपुर की रहने वालीं आकांक्षा ने भी कहा कि 301 तो उनकी रैंक है। इसके बाद यूपीएससी ने साफ कर दिया कि असली गाजीपुर वाली आकांक्षा सिंह का दावा सही है और बिहार वाली आकांक्षा फर्जी दावा कर रही थी।

बुलंदशहर की शिखा ने किया 113वीं रैंक पर दावा
बिहार के बाद यूपी से भी ठीक इसी तरह का मामला सामने आया जिसमें  113वीं रैंक को लेकर दो दावेदार सामने आ गईं। बुलंदशहर की रहने वालीं शिखा गौतम ने सभी को बताया कि उनकी यूपीएससी में 113वीं रैंक आई है। इसके बाद उनके परिवार और रिश्तेदारों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत भी किया। हालांकि बाद में पता चला कि हरियाणा के रोहतक की रहने वालीं शिखा ने ये रैंक हासिल की है। यूपी वाली शिखा ने कहा कि उन्होंने अपना नाम देखा और बिना रोल नंबर देखे अपने पास होने की खबर सभी को दे दी थी।

दिनभर बंटीं मिठाइयां और खुशियों पर फिर गया पानी
मध्य प्रदेश से भी यूपीएससी रिजल्ट को लेकर ऐसा ही मामला सामने आया था। यहां नागौद क्षेत्र के परसवारा निवासी यशवर्धन सिंह ने बताया कि उनकी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 212वीं आई है। इसके बाद परिवार ने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर जमकर जश्न मनाया और मिठाइयां भी बांट दी गईं। ये सब होने के बाद जब पता चला कि जिस यशवर्धन सिंह ने यूपीएससी में 212वीं रैंक हासिल की है, वो कोई और है तो एक झटके में सारी खुशियों पर पानी फिर गया. 
इस मामले में भी यूपीएससी की तरफ से साफ किया गया कि यूपी के रहने वाले यशवर्धन सिंह ने सिविल सर्विस एग्जाम में 212वीं रैंक हासिल की है। 

79वीं रैंक को लेकर भी हुआ कंफ्यूजन
 यूपीएससी की 79वीं रैंक को लेकर भी खूब कंफ्यूजन हुआ। इस रैंक पर गाजीपुर में SDM के ड्राइवर रहे शख्स की बेटी प्रियंका चौधरी का नाम सामने आया। यहां तक कि प्रियंका के पिता ने सामने आकर कह दिया कि वो अब अपनी बेटी के ड्राइवर बनने के लिए भी तैयार हैं हालांकि बाद में पता चला कि 79वीं रैंक गाजीपुर की प्रियंका की नहीं बल्कि राजस्थान की प्रियंका को मिली है। यूपी की प्रियंका फिलहाल प्रयागराज में GST इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं वहीं राजस्थान की जिस प्रियंका की यूपीएससी में 79वीं रैंक आई है उनके पति मुकेश रेप्सवाल चंबा जिले के कलेक्टर पद पर तैनात हैं।