जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। सीजेपी से जुड़े तीनों अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस ने तीनों को 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिया था। तीनों करीब 23 घंटे तक पुलिस कस्टडी में रहे।
बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी ने रविवार को लगातार दूसरे दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। शनिवार को पुलिस ने हजारों समर्थकों को रास्ते में रोक दिया था। करीब 7,000 लोगों को हिरासत में भी लिया गया था। दिल्ली में 250 ट्रेनें रद्द करने और 45 मेट्रो स्टेशन बंद रखने के मामले में सुप्रीम कोर्ट रविवार को सुनवाई करेगा। गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी चेयरपर्सन के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अनदेखी के आरोप में अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। कोर्ट ने शुक्रवार को मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं करने का निर्देश दिया था। दिल्ली में सीजेपी से जुड़े अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियाती कार्रवाई के तहत हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अधिकारियों की प्रक्रिया के तहत तीनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

30 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती
दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में 30 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। खास तौर पर सीमावर्ती इलाकों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो परिसरों और बस टर्मिनलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियां लगाई गई हैं। वहीं, नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटकर निगरानी की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। इसके अलावा, होटल, गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा करने की संभावित कोशिशों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों की भी निगरानी की जा रही है।

जंतर-मंतर पर पुलिस का जमावड़ा
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस का कड़ा पहरा है। यहां भारी संख्या में पुलिस कर्मियों तैनात किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
दिल्ली में 250 ट्रेनें रद्द करने और 45 मेट्रो स्टेशन बंद रखने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज छुट्टी के दिन सुनवाई करेगा। गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी चेयरपर्सन के खिलाफ अदालत के आदेश की अनदेखी को लेकर अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। कोर्ट ने शुक्रवार को मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं करने का निर्देश दिया था।





