जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा परिसर में सोमवार को एक शख्स सुरक्षा बैरियर को तोड़ते हुए दाखिल हो गया। आरोपी को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया, जिसकी पहचान सरबजीत के रूप में हुई। दिल्ली पुलिस ने बताया कि सरबजीत सिंह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। पुलिस को पंजाब और उत्तर प्रदेश भी जाना है, ताकि उस वाहन का पता लगाया जा सके, जिससे वह विधानसभा परिसर में दाखिल हुआ था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी सरबजीत की रिमांड की मांग की, जिसका सरबजीत के वकील ने विरोध किया। वकील ने कोर्ट को बताया कि सरबजीत मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका इलाज चल रहा है।
विधानसभा को गुरुद्वारा समझकर घुसा था सरबजीत
वकील के मुताबिक सरबजीत अचानक बिना किसी को बताए अपनी बहन के पास चंडीगढ़ चला गया था और वहां एक गुरुद्वारे में गया था। परिवार को भी नहीं पता था कि वह कहां गया है। आरोपी सरबजीत के वकील ने कहा कि सरबजीत करीब 14 -15 दिन पहले चंडीगढ़ गया था और बाद में उसे पता चला कि उसका भतीजा खो गया है, इसलिए वह दिल्ली आया। वकील का दावा है कि सरबजीत ने विधानसभा को गुरुद्वारा समझकर अंदर प्रवेश कर लिया।

कोर्ट ने 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
कोर्ट ने आरोपी के वकील से पूछा कि सरबजीत पीलीभीत से चंडीगढ़ और फिर दिल्ली तक कार चलाकर आया है। ऐसे में यह कहना कि वह पूरी तरह मानसिक रूप से अस्वस्थ है सवाल खड़े करता है। इसके बाद तीस हजारी कोर्ट ने सरबजीत सिंह को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा।
आरोपी से पूछताछ करेगी दिल्ली पुलिस
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से सरबजीत सिंह की 10 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, ताकि मामले की साजिश, संभावित कनेक्शन और अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि वह विधानसभा में कैसे दाखिल हुआ और इस घटना में कि





