जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यहां ठगी का ऐसा जाल बुना गया कि पता ही नहीं चला कि लोगों ने कब अपनी पूंजी एक ठग के हवाले कर दी। जी हां, यूपी के कानपुर में दुबई की सैर कराकर ठगी का जाल बुना गया। दरअसल, ठगों ने कंपनी में निवेश के नाम पर बेहतर रिटर्न का आॅफर दिया। इसके बाद देशभर से करीब 50 से अधिक लोगों से तकरीबन 80 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। इस मामले में 30 से अधिक लोग तो सिर्फ कानपुर से ही बताए जा रहे हैं।

इस मामले में कानपुर साइबर थाने में एक तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कंपनी मालिक पश्चिम बंगाल के वर्धमान निवासी बाबुल मंडल और उनकी पत्नी सर्व मनी मंडल पर धोखाधड़ी, जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस बाबत पीड़ित शैलेन्द्र कुमार निवासी रायपुर ने बताया कि दो साल पहले उनके मित्र नीरज कुमार और अमित श्रीवास्तव ने उन्हें एक इन्वेस्टमेंट कंपनी के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह कंपनी फॉरेक्स मार्केट में ट्रेड करती है। साथ ही प्रतिमाह पांच से छह प्रतिशत तक रिटर्न देती है। मई 2024 में गांधीनगर के एक होटल में इस बाबत मीटिंग हुई थी जिसमें शांता कुमार दास और विधायक चक्रधर भी उपस्थित थे। कंपनी का ब्रांच ऑफिस साल्टलेक कोलकाता में स्थित है जबकि मुख्य ऑफिस दुबई में होना बताया गया है। कंपनी के मालिक बाबुल मंडल और उनकी पत्नी सावित्री मंडल हैं। दोनों ने मिलकर कंपनी बनाई थी। इसमें कई लोगों ने निवेश किया जो अब ठगी के शिकार हो गए हैं। इससे पहले निवेशकों को कंपनी ने अच्छा रिटर्न भी दिया।

इसके बाद मीटिंग में लोगों को जानकारी दी गई कि फरवरी 2025 को कंपनी की पांचवीं वर्षगांठ है और सभी को दुबई बुलाया गया है। इस दौरान एमटीईई-9 नामक एक योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई। जिसमें वेबसाइट और पोर्टल के जरिए निवेश की सुविधा प्रदान की गई। उनकी बातों में आकर शैलेन्द्र कुमार समेत कई लोगों ने दोबारा निवेश किया। कंपनी ने दावा किया कि उसके कई शहरों में आॅफिस हैं और उसने निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा किए हैं। इसके बाद उनके साथ ठगी हो गई। किसी से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। इसके बाद कानपुर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस बाबत साइबर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतीश चंद्र यादव ने बताया जांच शुरू की गई है। एक टीम कोलकाता भेजी जाएगी। टीम यह भी जांच करेगी कि और कहां-कहां पर इस मुकदमा दर्ज किया गया है।





