जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। इन दिनों शादीशुदा महिलाओं पर आशिकी का भूत सिर चढ़कर बोल रहा है। मेरठ में हुए सौरभ राजपूत और राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद दर्जनों ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें प्रेमियों के चक्कर में पत्नियों ने अपने पति को मौत के घाट उतार दिया। इसी क्रम में गौतमबुद्धनगर जनपद के दादरी थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। यहां पत्नी ने अपने आशिक के चक्कर में पति को मरवा दिया। इस मामले में पुलिस ने पत्नी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बाबत ADCP ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने विस्तृत जानकारी दी है।

बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से शादीशुदा महिलाओं पर आशिकी का भूत इस कदर प्रभाव डाल रहा है कि सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ रहने की कसमें खाने वाली पत्नियां अपने ही पतियों की काल बन गई हैं। चर्चा में रहे राजा रघुवंशी हनीमून हत्याकांड, सौरभ राजपूत हत्याकांड के बाद इस तरह के मामलों की बाढ़ सी आ गई है। इसी क्रम में गौतमबुद्धनगर जनपद के दादरी थाना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दरअसल, कठहेरा रोड़ शिव वाटिका कॉलोनी के पास 16 फरवरी 2026 को एक अज्ञात शव पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव की शिनाख्त गोविन्द रावल उर्फभूरा निवासी ग्राम घोड़ी बछेड़ा के रूप में की थी। इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति ने हत्या के संबंध में मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने इस मामले में खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया। चारों टीमें मामले की तह तक जाने में जुट गईं। इसके बाद दिनांक 19 फरवरी को थाना दादरी पुलिस ने घटना का सफल अनावरण किया। पुलिस ने हत्या में शामिल रोहित रावल पुत्र शैलेन्द्र उर्फशीलेन्द्र रावल और नफीस पुत्र रफीक को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। इसमें नफीस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस ने इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त एक बाका, अवैध देशी तमंचा, खोखा कारतूस व एक बाइक बरामद की है। पुलिस ने इस घटना में शामिल संबंधित अभियुक्त धर्मेन्द्र पुत्र सुरेन्द्र राव, एवं मृतक गोविन्द राव की पनी प्रीति देवी को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों से जब पूछताछ की तो उन्होंने सारी कहानी बयां कर दी। अभियुक्त रोहित ने पुलिस को बताया कि मृतक गोविन्द उसके ही गांव का रहने वाला था। वह अपनी पत्नी प्रीति को अक्सर मारता पीटता था। करीब दो वर्ष पूर्व अभियुक्त रोहित के प्रीति के साथ अवैध संबंध हो गए थे। कुछ दिन पूर्व प्रीति और रोहित ने मिलकर गोविन्द को रास्ते से हटाने की ठान ली। 12 फरवरी को रोहित गोविन्द को उसके घर से बुलाकर अपने दोस्त धर्मेन्द्र की मोटरसाइकिल पर बैठाकर दादरी ले गया। पूर्व योजना के तहत अभियुक्त रोहित ने अपने दोस्त नफीस पुत्र रफीक को चाकू लेकर जीटी रोड चिटहेड़ा पैट्रोल पम्प के पास शराब के ठेके पर बुलाया। वहां से शराब खरीदकर रोहित, नफीस और गोविन्द रावल ने खाली पड़े प्लाट में बैठकर शराब पी। जब गोविन्द शराब के नशे में धुत हो गया तो रोहित द्वारा गोविन्द के हाथ पकड़ लिये और नफीस ने बांका से हमला करके गोविन्द को मौके पर ही मार दिया। उन्होंने शव को वहीं बाउंड्री के किनारे डाल दिया गया और सभी अपने-अपने घर चले गए। 15 फरवरी को रोहित अपने दोस्त धर्मेन्द्र के साथ पुन: घटनास्थल पर पहुंचा और डेडबॉडी को वहां से कुछ दूर जाकर फेंक दिया। पुलिस ने यहां से ही शव बरामद किया था और इसका सफल अनावरण कर सभी को जेल भेज दिया है।





